बागपत। मानसिक रोगियों की देखभाल और इस तरह के रोगों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग का हर डॉक्टर मनोरोग विशेषज्ञ होगा। इसके लिए बंगलुरू में छह माह का कोर्स करेंगे। बारी-बारी से सभी डॉक्टरों इस कोर्स को करेंगे। बढ़ती जा रही मनोरोगों की संख्या को देखकर स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी डॉक्टर मनोरोग का नहीं है। जिस कारण इससे पीड़ित आसपास के जनपद और राज्यों के बड़े शहरों में उपचार के लिए जाना पड़ता है। बढ़ते मानसिक रोगियों की संख्या को देखकर स्वास्थ्य विभाग का हर डॉक्टर मनोरोगों से बचाव के लिए लोगों का उपचार करेगा। इसके लिए विभाग की ओर से छह माह का कोर्स कराया जाएगा। बारी-बारी से डॉक्टर कोर्स करने के लिए कर्नाटक के बंगलुरू स्थित इंस्टीट्यूट जाएंगे।
सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि मानसिक रोग से लोगों को निजात दिलाने के लिए डॉक्टरों को मनोरोग का छह माह का कोर्स कराया जाएगा। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात डॉक्टरों को बंगलुरू कोर्स करने के लिए भेजा जाएगा। जिसकी रूप रेखा तैयार हो गई है।
जल्द लगेगी बॉयो फीड बैक मशीन
बागपत। बढ़ती मानसिक रोगियों की संख्या को देखकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल में जल्द बॉयो फीड बैक मशीन लगने वाली है। इसके लिए मशीन का क्रय कराने की तैयारी की जा रही है। जल्द लोगों का मशीन के माध्यम से मनोरोगी का उपचार कराया जाएगा।
हार्मोन के घटने और बढ़ने पर होता है मानसिक रोग
बागपत। सीएचसी बागपत के अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि सिरोटोनियन और डॉपामिन हार्मोन के स्तर घटने और बढ़ने से मानसिक रोग की संभावना बढ़ जाती है। यह हर परिवार में इससे पीड़ित है। इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। इसका इलाज संभव है।
मानसिक रोग के लक्षण
रोग से पीड़ित होने पर चिड़चिड़ा हो जाता है
हमेशा अकेला रहना पसंद करता है
हर समय बड़बड़ाते रहना
किसी भी काम में मन न लगना
बार-बार एक ही बात को दोहराते रहना
एक ही तरह के कार्य को बार-बार करते रहना