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छपरौली ब्लॉक प्रमुख समेत छह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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बागपत। फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर छपरौली ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव जीतने वाली निशा और तत्कालीन कानूनगो सहित छह आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। क्राइम ब्रांच टीम के प्रभारी मामले की विवेचना कर रहे हैं।
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छपरौली ब्लॉक प्रमुख पद पर वर्ष 2016 में चुनाव हुआ । निशा पत्नी संजीव कुमार निवासी लूंब ने चुनाव मेें जीत हासिल की। 15 मार्च 2016 को हलालपुुर गांव निवासी ब्रजपाल पुत्र भंवर सिंह ने ब्लॉक प्रमुख निशा पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर चुनाव लड़ने का आरोप लगाकर बड़ौत कोतवाली में ब्लॉक प्रमुख निशा, उसके पति संजीव कुमार, सियाचंद, ऋषिपाल निवासी लूंब, सतबीर निवासी रोशनगढ़ थाना बालैनी व तत्कालीन कानूनगो फतेह सिंह उर्फ फतेह चंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी तेजेंद्र पाल सिंह कर रहे थे। विवेचना में फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने का खुलासा हो चुका है। पुलिस ने चार आरोपियों को 12 अप्रैल 2017 को गिरफ्तार किया। ब्लॉक प्रमुख निशा और कानूनगो फतेह सिंह के खिलाफ विवेचना चल रही है। पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख सहित छह आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। क्राइम ब्रांच टीम के प्रभारी एवं विवेचक तेजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जांच में मिला है कि फर्जी प्रमाणपत्र जारी किया। इसमें 15 लोगों को गवाह बनाया गया है।

सोनभद्र जिले में तैनात है आरोपी काननूगो
बागपत। क्राइम ब्रांच प्रभारी तेजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आरोपी कानूनगो फतेह सिंह उर्फ फतेहचंद पुत्र संपत निवासी पतरिहा थाना विंडभगंज जिला सोनभद्र का रहने वाला है। हाल में वह सोनभद्र जनपद की रावर्टस गंज तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो पद पर कार्यरत है।
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ब्लॉक प्रमुख व कानूनगो की गिरफ्तार पर स्टे
बागपत। पुलिस ने बताया कि छपरौली ब्लॉक प्रमुख निशा व तत्कालीन कानूनगो फतेह सिंह ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। दोनों को न्यायालय में तलब किया जाएगा।

लखनऊ में सुनवाई 12 को
बागपत। छपरौली ब्लॉक प्रमुख निशा के पति संजीव कुमार ने बताया कि 12 दिसंबर को समाज कल्याण विभाग लखनऊ में सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद ही जाति प्रमाण पत्र फर्जी है या सही, इसका फैसला होगा। इससे पहले पुलिस चार्जसीट दाखिल नहीं कर सकती। उनके द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र सही था।
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