बामनौली गांव में पूर्व प्रधान महीपाल सिंह के आवास पर चकबंदी विभाग के अफसरों की कार्यशैली से आहत किसानों की पंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया कि समाधान नहीं हुआ तो किसान औरतों व बच्चों समेत लखनऊ में धरना देंगे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि चकबंदी ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। किसान सरकारी दफ्तरों में एड़ी रगड़ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का आज तक समाधान नहीं हुआ। चकबंदी विभाग के अफसरों की कार्यशैली से आहत होकर एक किसान आत्महत्या तक कर चुका है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन को किसानों की कोई चिंता नहीं है। डीएम बागपत किसानों की अनदेखी कर रहे हैं। पिछले दिनों लखनऊ में धरने के दौरान किसानों को एक माह में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। निर्णय लिया कि यदि 24 जून तक चकबंदी दुरुस्त करके समस्याओं का हल नहीं किया तो किसान अपने बच्चों व औरतों समेत लखनऊ में पहुंचकर धरना देंगे। पंचायत में मास्टर खिलारी सिंह, बाबू, मास्टर सतीश, मास्टर राजपाल, राम रतन, यशवीर, महेश, मास्टर सिंह, राजेंद्र, रामकुमार, ज्ञानेंद्र, देवेंद्र, महावीर, नीटू, राजीव आदि उपस्थित रहे।