बागपत। ब्लू व्हेल गेम किशोरों की जान का दुश्मन बना हुआ है। 50 स्टेप पार करने पर बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। सीबीएसई ने सभी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया बच्चों के व्यवहार में बदलाव नजर आए तो उसकी पड़ताल करें।
प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव और विश्व भारतीय विद्यालय पीठ, छपरौली के प्रधानाचार्य इजहार खान ने बताया ब्लू व्हेल गेम बच्चों के दिमाग पर विपरीत असर डाल रहा है। अपने ही शरीर को नुकसान पहुंचाने के लिए गेम में अलग-अलग स्टेप हैं। गेम के चक्कर में सैकड़ों बच्चे अपनी जान गवा चुके हैं। धीरे-धीरे भारत में भी इसका प्रकोप बढ़ रहा है। हाई कोर्ट ने इस खेल पर चिंता व्यक्त की और बच्चे से लेकर बड़ों को इससे दूर करने की सलाह दी है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रानिक्स और आईटी ने गूगल, फेसबुक, व्हाट्स एप, इंस्टाग्राम, याहू को ब्लू व्हेल गेम के लिंक को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। इजहार खान ने बताया महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सीबीएसई के अफसरों को निर्देश दिए है विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य द्वारा छात्रों के मोबाइल पर प्रतिबंध लगाना ही काफी नहीं है। स्कूलों में घूमकर बच्चों के व्यवहार पर भी नजर रखे। यदि कोई बच्चा अकेला-अकेला रहता, व्यवहार में बदलाव नजर आए तो पूछताछ करें।