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पति पर संक्रमित सुई लगाने का आरोप, एचआईवी पीड़िता ने मांगा इंसाफ

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बागपत। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने एचआईवी पीड़ित महिला को गला घोटकर जान से मारने की कोशिश की। महिला ने पति पर एचआईवी संक्रमित सुई से इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए महिला थाने में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अपील की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महिला थाने को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
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जिले की रहने वाली महिला ने बताया कि उसकी शादी 18 फरवरी 2018 को हरियाणा के पानीपत जिले में हुई थी। आरोप है कि ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। उससे एक लाख रुपये दहेज की मांग कर रहे थे। उसका पति झोलाछाप डॉक्टर है। वह जबरदस्ती नशे व अन्य दवाइयों के इंजेक्शन लगाकर उसका उत्पीड़न करता था, जिससे वह बीमार रहने लगी। 23 नवंबर 2018 को उसने बेटे को जन्म दिया। उसी समय उसके खून की जांच हुई तो पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव है। उसके बेटा भी एचआईवी से संक्रमित है। महिला का आरोप है कि उसके पति ने संक्रमित सुईं के इंजेक्शन लगाए, जिस कारण उसे एचआईवी हो गया।
आरोप है कि 24 नवंबर 2018 को ससुरालवाले मारपीट कर उसे बस स्टैंड पर फेंककर भाग गए थे। तीन दिसंबर को महिला थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। 31 दिसंबर को वह समझौते के लिए महिला थाने गई, लेकिन ससुरालवालों ने कोई बात नहीं की। वह अपने माता-पिता के साथ वापस लौटने लगी तो चमरावल रोड पर ससुराल वालों ने उस पर हमला बोल दिया। गले में चुनरी से फांसी लगाकर मारने की कोशिश की। उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 22 जनवरी को उसने अधिवक्ता लवलीन कुमार दुर्रानी के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की अपील की। शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महिला थाने को आरोपी पति प्रदीप, सास धनवंती, जेठ संदीप, जेठानी कांता व पांच अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
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