बागपत। सुपरवाइजर और आंगनबाड़ियों पर फर्जी नामांकन दर्शाकर पोषाहार में धांधली करने का आरोप है। जिला कार्यक्रम अधिकारी बीना बजाज ने नोटिस भेजा है। केंद्रों पर दो-चार बच्चे होते हैं, लेकिन ज्यादा पोषाहार लिया जा रहा है। सभी सुपरवाइजरों को नोटिस जारी किया गया है।
डीपीओ बीना बजाज ने बताया कि हर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र है, लेकिन अधिकांश में बच्चों की संख्या नाम मात्र को है। फर्जी नामांकन फाइलों में किया हुआ है। जब भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया गया है तभी वहां बच्चे नहीं मिले है। कागजों में फर्जी नामांकन करके पोषाहार में धांधली की जा रही है। निरीक्षण में केंद्रों पर कम आंगनबाड़ियों के घरों में ज्यादा पोषाहार रखा हुआ मिला है। विभागीय एक कर्मचारी भी इसमें संलिप्त है। बागपत शहर के 11-12 केंद्रों का निरीक्षण किया था, जिसमें तीन खुले मिले। केंद्रों पर पोषाहार नहीं था। घरों में जांच की गई तो वहां पर उन्हें रखा मिला। सीडीओ पीसी जायसवाल ने कुछ दिन पूर्व कई बिहारीपुर, फैजपुर निनाना, फैजुल्लापुर गांव का निरीक्षण किया था यहां पर भी बच्चों की संख्या इक्का-दुक्का ही मिली थी। डीपीओ ने बताया कि प्रमुख सचिव के आदेश पर एक आंगनबाड़ी की सेवा समाप्त की जा चुकी है। इस संबंध में जिले की सभी 11 सुपरवाइजरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे प्रकरण से शासन को भी अवगत कराया जा चुका है।