बामनौली गांव में चकबंदी अधिकारियों ने पहुंचकर पैमाइश कर एक किसानों की जमीन पूरी कर कब्जा दिला दिया, लेकिन दूसरे पक्ष के किसान की भूमि घट गई। इसको लेकर दोनों पक्षों में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। अधिकारियों के सामने किसानों में नोंक झोंक हुई। दूसरे पक्ष के किसान का कहना है कि उसकी भी जमीन पूरी कराई जाए।
बामनौली गांव में पूर्व सैनिक रोहताश और दूसरे पक्ष के किसान सोहनवीर और रामबीर के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रोहताश ने 27 बीघा जमीन पूरी न होने पर एक सप्ताह पूर्व 28 फरवरी को लखनऊ में परिवार सहित सीएम आवास पर आत्मदाह करने की धमकी दी । इससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा है। सोमवार को एडीएम बागपत ने दोनों पक्षों के किसानों को बुलाकर समस्या सुनी और जमीन की पैमाइश के लिए टीम गठित कर पैमाइश के निर्देश दिए । मंगलवार को एडीएम के आदेश पर चकबंदी अधिकारी अरुण शर्मा, जितेंद्र, धीर सिंह सिसौदिया, चकबंदी लेखपाल अनिल कुमार, दिनेश चंद, अमित कुमार पुलिस बल के साथ पैमाइश करने पहुंचे। अधिकारियों ने सेंटर 12 में किसान रोहताश की 27 बीघा जमीन की पैमाइश कर पूरा कर दी और हाथों हाथ डोल बंदी भी करा दी। दूसरे पक्ष के किसान सोहनवीर और रामबीर की खड़ी गेहूं की फसल उजाड़ दी । विरोध करने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें चुप कराया। इस दौरान किसानों के दोनों पक्षों में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। अधिकारियों के सामने किसानों में नोंक झोंक भी हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत किया। इसके बाद अधिकारियों ने किसान सोहनवीर और रामबीर की 17 बीघा भूमि में से सेंटर 12 में 8 बीघा भूमि और सेंटर 58 में चार बीघा जमीन पैमाइश कर दी। पांच बीघा जमीन घटने के बाद किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। किसानों ने कहा उसकी जमीन पूरी कराई जाए। चकबंदी अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के किसानों की जमीन पूरा कर दी गई है। दूसरे पक्ष के किसान सोहनवीर व रामबीर की भूमि इस लिए घटी है कि जहां उन्हें चक दिया गया है, उसकी कीमत अधिक है।