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16 साल पुरानी मांग पूरी, नगर पंचायत बना रटौल

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अमर उजाला ब्यूरो
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बागपत। फूलों की खुशबू और आम की मिठास से दुनिया भर में पहचान बनाने वाले रटौल को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया है। 16 साल पुरानी मांग पूरी होते ही ग्रामीणों के बीच खुशी का माहौल है। शहरी क्षेत्र का दर्जा मिलते ही रटौल में विकास कार्य होने की उम्मीद बंध गई है। सोमवार को नगर विकास विभाग ने रटौल को नगर पंचायत की स्वीकृति दे दी। जिला पंचायत सदस्य मुबिस्सर ने बताया कि 16 साल से गांव के लोग नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। विकास की दृष्टि से गांव पिछड़ा हुआ था, अब विकास होगा। जिला पंचायत सदस्य चौधरी मुब्बसिर ने खुशी जताई। समाजसेवी हाजी मुंतजिर ने कहा कि पुरानी मांग पूरी हो गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ जाकिर हसन ने कहा कि रटौल का विकास होगा।
चार साल से लटका था प्रस्ताव
बागपत। सपा सरकार में रटौल को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव साल 2016 में तैयार किया था, लेकिन दर्जा नहीं मिल सका। दिसंबर 2019 में प्रशासन ने लोगों से नगर पंचायत बनाने को लेकर आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर नगर विकास विभाग को भेज दी गई थी।
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बागपत की छठी नगर पंचायत होगी रटौल
बागपत। जिले में बागपत, बड़ौत, खेकड़ा नगर पालिका हैं, जबकि अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय, छपरौली, दोघट और टीकरी नगर पंचायत हैं। रटौल को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद यह छठी नगर पंचायत बन जाएगी।
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ऐसा है रटौल
कुल जनसंख्या 17869
कुल घर 2761
महिला 8516
साक्षर 7819
नोट : आंकड़े साल 2011 की जनगणना के।
वर्तमान में आबादी 21 हजार
बागपत। रटौल की वर्तमान में आबादी करीब 20 से 21 हजार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत बन जाने से शिक्षा और चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था होगी।
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