बड़ौत (बागपत)।
अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान में पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान का केवल ज्ञान महोत्सव धूमधाम से मनाया। इसमें आदि नाथ भगवान को इक्षु रस (गन्ने का रस) का आहार देने के लिए जैन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पंच कल्याणक महोत्सव का समापन 14 जून को होगा। इसमें भगवान की नवीन जिन प्रतिमा रथयात्रा के पश्चात अजित नाथ मंदिर में विराजमान होगी।
बृहस्पतिवार को पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के छठे दिन मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर, मुनि धवल सागर महाराज के सानिध्य में दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान में सौधर्म इंद्र विशाल के नेतृत्व में कुबेर इंद्र विकास जैन, यज्ञ नायक सचिन जैन, नाधिराय मनोज जैन आदि इंद्रगणों ने भक्ति भाव से जिनेंद्र भगवान का अभिषेक व शांति धारा की। इसके बाद अष्ट द्रव्यों से जिनेंद्र भगवान का पूजन हुआ और यज्ञ मंडल विधान की पूजा हुई। इसके बाद आदिनाथ की आहार क्रिया हुई। मुनि वीर सागर महाराज ने भगवान के प्रथम आहार के संबंध में बताया कि भगवान आदिनाथ मुनि दीक्षा लेने के बाद छह माह के उपवास की प्रतिज्ञा लेकर ध्यान मग्न हो गए। व्रत पूरा होने के बाद आहार लेने को निकले, लेकिन मुनियों के आहार विधि का ज्ञान न होने के कारण उन्हें आहार कोई नहीं दे सका। इस प्रकार मुनि को एक वर्ष 8 दिन तक और निहार रहना पड़ा। उन्होंने बताया कि जब भगवान विहार करते हस्तिनापुर पहुंचे तो यहां हस्तिनापुर के राजा सोम प्रभु के छोटे भाई श्रेयांस ने उन्हें अपने महल से देखा तो उन्हें पूर्व जन्म के दिए आहार विधि का स्मरण हो गया और उन्होंने नवाधा भक्ति पूर्वक उन्हें इक्षु रस का शुद्ध आहार दिया। यह दिन पर्व के रूप में प्रसिद्ध हुआ। भगवान की वृद्धि व तप के प्रभाव से राजा श्रेयांस की रसोई में भोजन अक्षय हो गया। इस प्रकार मुनि ने बताया कि दान देने से जो पुण्य संचय होता है, वह दाता के लिए सर्वाधिक फल देकर अंत में मोक्ष फल की प्राप्ति कराता है।
भगवान को इक्षु रस पिलाने का सौभाग्य सतेंद्र जैन को प्राप्त हुआ
बड़ौत। दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान में आदि नाथ भगवान को इक्षु रस का आहार देने के लिए जैन श्रद्धालु उमड़ पड़े। प्रथम आहार का सौभाग्य सतेंद्र जैन व अशोक जैन को प्राप्त हुआ। प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया और डॉ. श्रेयासं जैन के निर्देशन में समस्त केवल ज्ञान क्रियाएं संपन्न हुई। जैसे ही दोपहर दो बजे प्रभु को केवल ज्ञान मिलने की खबर मिली तो समूचे नगर में हर्ष की लहर दौड़ गई।
पिच्छी परिवर्तन समारोह संपन्न हुआ
बड़ौत। कार्यक्रम में मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर, व धवल सागर महाराज का पिच्छी परिवर्तन समारोह हुआ। इसमें जिन बंधुओं ने संयम ग्रहण किया, उन्हें पिच्छी लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रात्रि में महा आरती हुई। इसके बाद जिन संस्थाओं ने पंच कल्याणक महोत्सव में सहयोग किया, उन सभी को अजित नाथ मंदिर कमेटी ने प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसमें सुभाष जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अशोक जैन, सतेंद्र जैन, प्रवीण जैन, पवन जैन, राजेश जैन, महेंद्र जैन, मदन जैन आदि रहे।