बागपत। विकास भवन सभागार में सीडीओ पीसी जायसवाल ने अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाओं के संबंध में समीक्षा। सभी नोडल अधिकारी और बीडीओ निर्देश दिए अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल पर कोई चूक होती है तो उसके जिम्मेदार चिकित्सा अधिकारी व खंड विकास अधिकारी होंगे।
सीडीओ ने बताया कि जनपद बागपत में 22 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जो गोवंश आश्रय स्थलों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। जो कमी दिखाई देती है उन्हें तत्काल पूर्ण कर कराएंगे। चिकित्सा अधिकारियों को हिदायत दी कि जो भी चिकित्सा अधिकारी अपने कार्यालय से फील्ड में जा रहे हैं। उसके कार्यालय के बाहर उसका मोबाइल नंबर अवश्य लिखा होना चाहिए। जनमानस फोन पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सके। उन्होंने कहा गोवंश के लिए हरे चारे, भूसे की व्यवस्था, पोषाहार पानी आदि की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। जहां पर टिन शेड नहीं पड़े हैं, वहां पर तत्काल कार्रवाई की जाए। पशुओं के लिए छाया की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। गोशाला में जो भी पशु हैं, उनकी टेगिंग का निरीक्षण पुन: कर लिया जाए। कोई भी पशु बिना टेगिंग नहीं रहना चाहिए। वहीं सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना अंतर्गत जिला स्वच्छता समिति की भी समीक्षा की। संबंधित खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में साफ सफाई का अभियान युद्ध स्तर पर चलना चाहिए। साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। पॉलीथिन प्लास्टिक पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। डीपीआरओ को निर्देश दिए अभियान जनपद में युद्ध स्तर पर चलना चाहिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका, डीपीआरओ आलोक शर्मा, सीवीओ डॉ. रविंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, सभी बीडीओ मौजूद रहे।