बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पहले दो चरण में लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। अब प्रशासन को तीसरे चरण में फिर से 300 शादियों का लक्ष्य दिया है। इसके लिए 1.59 बजट भी जारी किया। तीसरी बार भी लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसके लिए न तो जागरूकता अभियान चलाया जाता है और न ही लोगों को आवेदन करने के लिए प्रेरित करते है। जबकि नगर निकाय, ब्लॉक, तहसील में इसके लिए आवेदन कराने के लिए जिम्मेदारी दी हुई है। दो वर्षों में ढाई सौ शादियां भी प्रशासन की ओर से नहीं कराई जा सकी। पूर्व में हुई शादी समारोह में ऐसे जोड़ों की शादियां की शिकायत भी की गई, जिनके पूर्व में ही विवाह हो गए थे। प्रशासन को चालू वित्तीय वर्ष 300 शादियां कराने का लक्ष्य दिया है। इसका 1.59 करोड़ का बजट भी जारी किया है। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि 300 शादियों का लक्ष्य मिला है। इसके लिए ब्लॉक, नगर पालिका, नगर पंचायत, तहसील और उनके कार्यालय में आवेदन की व्यवस्था की गई है।
एक शादी पर प्रशासन को होगा 51 हजार रुपये खर्च
अब निर्धन परिवार की बेटियां की शादि में 51 हजार रुपये प्रशासन की ओर से खर्च करने का नियम बनाया हुआ है। इस धनराशि में 35 हजार रुपये तो लड़की के खाते में जाएंगे। 10 हजार का सामान दिया जाएगा और बाकी छह हजार रुपये शादी में खर्च करने का प्रावधान किया हुआ है।
ये हैं योजना के पात्र और जरूरी दस्तावेज
तलाक शुदा या विधवा सभी जोड़ों को इस योजना का लाभ मिलेगा। गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवार के सदस्य होंगे। लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़की की 21 वर्ष होनी जरूरी है। कन्या के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 56 हजार और शहरी क्षेत्रों में 56 हजार रुपये निर्धारित की गई है। दिव्यांग दंपतियों को विशेष रूप से तवज्जो दी जाएगी। इसके लिए जाति प्रमाणपत्र, पहचान पत्र आयु प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, वर-वधु की फोटो दस्तावेज निर्धारित किए गए है।