बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सीटीआर वर्कशाप पर बृहस्पतिवार को किसानों ने काफी देर तक हंगामा किया। उन्होंने ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया और उसका टेंडर निरस्त कराने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को बिजरौल, बामनौली, जौहड़ी, जौनमाना, ढ़िकाना और बावली गांव के किसान काफी संख्या में सीटीआर वर्कशाप पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि ऊर्जा निगम के अफसरों ने एक्सईएन प्रथम और एक्सईएन द्वितीय कार्यालय से जुड़े गांवों सहित जिले के अधिकांश गांवों मेें फूंके ट्रांसफार्मर को लाने और उसकी जगह दूसरा नया ट्रांसफार्मर ले जाने का टेंडर छोड़ रखा है, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। लेकिन सीटीआर वर्कशाप पर ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा एक्सईएन प्रथम और एक्सईएन द्वितीय कार्यालय से जुड़े गांव के हजारों किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसानों ने कहा कि न तो ठेकेदार फूंके ट्रांसफार्मर की सूचना पर मौके पर गाड़ी भेज रहा है और न ही उसकी जगह दूसरा नया ट्रांसफार्मर लेकर किसानों के यहां आ रहा है जबकि टेंडर में ठेकेदार ने चार गाड़ी स्वीकृत करा रखी है। किसानों के मुताबिक ठेकेदार एक या दो गाड़ी ही मौके पर भेजता है। मजबूरन किसानों को स्वयं रुपये लगाकर सीटीआर वर्कशाप से ट्रांसफार्मर लाना पड़ रहा है। इससे किसानों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उधर, जब इस संबंध में सीटीआर वर्कशाप के एसडीओ प्रवेश गिरि से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि गांव से ट्रांसफार्मर लाने और वापस ले जाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। यदि सूचना के बाद भी ठेकेदार ट्रांसफार्मर नहीं लाता और ले जाता है तो उसके खिलाफ टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे स्वयं ट्रांसफार्मर न लाएं। ट्रांसफार्मर फूंकने पर संबंधित अवर अभियंता को इसकी सूचना दें। यदि इसके बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं आता तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिकायत पर जांच करवाई जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में तेजपाल, नरेश पाल, मैमपाल, अनिल, अशोक, देवी सिंह, हरेंद्र, रूपेंद्र, सोनू, इकबाल, बिजेंद्र आदि शामिल रहे।