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तेड़ा के आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज की बात ही है निराली

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बड़ौत (बागपत)। समाज सृजन ओर राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। बागपत जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल के तेड़ा गांव स्थित आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज प्रदेश सरकार से अनुदानित है, लेकिन सीमित संसाधनों के बाद भी विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह के कुछ अलग करने की मंशा और जीवट के चलते यह कान्वेंट स्कूल से कमतर नहीं है। यहां पढ़ने वाले हर छात्र-छात्रा का जन्मदिन मनाने की भी अनूठी परंपरा है। इस विद्यालय की दीवारें भी छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करती हैं।
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ऐसे बदली विद्यालय की तस्वीर
तेड़ा गांव में 1948 में विद्यालय की स्थापना हुई । 1972 में प्रदेश सरकार से विद्यालय को इंटर तक कला व विज्ञान विषयों के साथ अनुदानित किया । मूल रूप से जनपद के पलड़ी गांव के रहने वाले धर्मपाल सिंह ने 1984 में जीव विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में इसी विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू किया। शिक्षण कार्य के साथ वे कुछ अलग करने की सोच ओर सपना पाले रहे। 2012 में बतौर प्रधानाचार्य नियुक्त होने पर सबसे पहले पेड़ पौधे लगाकर विद्यालय को सुसज्जित बनाया।

दीवारें भी प्रदान करती है शिक्षा
विद्यालय में कक्षाओं के बाहर दीवारों पर महात्मा गांधी, सर्वपल्ली राधा कृष्णनन, महर्षि दयानंद, डा. भीमराव आंबेडकर, स्वामी विवेकानंद, एपीजे अब्दुल कलाम, सुभाष चंद बोस, चंद्र्रशेखर आजाद, मदर टेरेसा, मुंशी प्रेम चंद आदि महापुरुषों के फ्लैक्स लगाए गए हैं, जिन पर उनका जीवन परिचय, नैतिक मूल्य और सिद्धांत लिखे हैं। इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण, प्रदूषण मुक्त भारत, ट्रैफिक नियम आदि के करीब 25 फ्लैक्स लगाए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल, इंजीनियरिंग, सेना सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की वेबसाइट सहित पूरी जानकारी देने वाला एक फ्लैक्स भी है।
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मनाया जाता है प्रत्येक छात्र का जन्मदिन
विद्यालय में प्रत्येक छात्र-छात्रा के जन्मदिन पर शुभकामना दी जाती है, इसके लिए एक शुभकामना पत्र छपवाया गया है। जिसमें शिक्षकों द्वारा छात्र-छात्रा का नाम व कक्षा भरकर प्रार्थना सभा के दौरान दिया जाता है तथा गायत्री मंत्र सहित वेद मंत्रों का जाप कर दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाती है। साथ ही पत्र पर लिखे सफलता सूत्र संदेश को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प भी कराया जाता है।

प्रधानाचार्य वर्ष में करते हैं 50 हजार तक खर्च
प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह वर्ष में विद्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रोत्साहन सहित करीब 50 हजार अपनी जेब से खर्च करते हैं। जिसमें प्रतिभावान छात्र छात्राओं को नकद धनराशि व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करना, निर्धन गरीब छात्र-छात्राओं को पुस्तकें, यूनिफार्म, जूते आदि की व्यवस्था भी शामिल हैं।

विद्यालय में ये हैं सुविधाएं
विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से कक्षाओं में शिक्षण कार्य सहित अन्य गतिविधियों की प्रधानाचार्य स्वयं देखरेख करते हैं। छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से योग प्राणायाम सिखाने के लिए संविदा योग शिक्षक को नियुक्त किया। बौद्धिक विकास एवं पर्यावरण की शुद्धि के लिए साप्ताहिक यज्ञ किया जाता है। प्रधानाचार्य खुद माह में 26 पीरियड लेते हैं तथा प्रोजेक्टर पर विज्ञान के नए आविष्कार, परीक्षण, शोध आदि के बारे में पढ़ाते हैं। इसके चलते हाई स्कूल व इंटर का परीक्षा परिणाम बढ़कर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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