बड़ौत (बागपत)।
जनता वैदिक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में उधारी के इंतजाम से हो रहा है। बजट नहीं मिलने से उप नियंत्रकों को राहत नहीं मिल रही है।
कहने को परिषद हर मामले में दूसरे बोर्डों की होड़ मेें लगा है, लेकिन व्यवस्थाएं कितनी बेहतर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि उप नियंत्रकों को इस बार भी उधारी से ही इंतजाम करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि जनता वैदिक इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए मूल्यांकन केन्द्र बनाया है। इसमें 484 परीक्षक व 51 उपप्रधान परीक्षक नियुक्त हैं। मूल्यांकन कार्य शुरू होने से पूर्व सभी को उम्मीद थी कि इस बार बजट जरूर मिल जाएगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ। उपनियंत्रकों को व्यवस्थाओं के लिए बजट भी नहीं दिया गया है और बोर्ड ने यहां तक कह दिया है कि परीक्षकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। चूंकि मूल्यांकन तो करना ही है, ऐसे में उपनियंत्रक उधारी या निजी स्तर से व्यवस्थाओं को जुटाने के लिए मजबूर है।
मूल्यांकन केन्द्र पर सैकड़ों परीक्षकों के लिए ठंडे पानी, प्रकाश, स्टेशनरी आदि इंतजाम उधारी के बूते ही किए गए हैं। भले ही बोर्ड द्वारा परीक्षा की तमाम व्यवस्थाओं को सुधार के ढर्रे पर लाने के लिए प्रयास किएं गए हो, लेकिन मूल्यांकन के इंतजाम के लिए काम से पहले ही बजट उपलब्धता इस साल भी नहीं हो सकी। उप नियंत्रक यशपाल शास्त्री और डॉ. रेखा सिंह ने कहा पिछली साल का बजट मिला है, अभी तक इस सत्र का बजट नहीं आया है।