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विधिविधान से मनाया दशलक्षण महापर्व

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विधिविधान से मनाया दशलक्षण महापर्व
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बागपत। जिले में दशलक्षण महापर्व को धूमधाम से मनाया गया। मूल नायक भगवान श्री 1008 अजितनाथ भगवान का शुद्ध जल से अभिषेक किया गया। कल्दपदु्रम विधान की क्रियाएं हुई। मंगल कलश यात्रा निकाली गई।
शुक्रवार को जैन समाज के लोगों ने श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दशलक्षण महापर्व मनाया। मध्यप्रदेश के उज्जैन से पधारे पंडित अशोक कुमार जैन ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कराई। मूल नायक भगवान श्री 1008 अजितनाथ भगवान का शुद्ध जल से अभिषेक कराया। उसके बाद कल्पदु्रम विधान की क्रियाएं प्रारंभ हुई। सबसे पहले इंद्र-इंद्राणियों ने मंगल कलश यात्रा निकाली। बड़ा जैन मंदिर से शुरू हुई यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर पर आकर संपन्न हुई। यहां पर कलशों को 1008 समोशरण में स्थापित किए गए।
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प्रथम कलश पंकज जैन, द्वितीय पीयूष, तृतीय अतुल, चतुर्थ बिजेंद्र, पांचवा ललित जैन के परिवार का स्थापित हुआ। भगवान श्री 108 पाश्र्वनाथ भगवान की चारो दिशाओं में प्रतिमाए विराजमान करने का ासैभाग्य प्रहलाद जेन, मोहित जैन, पंकज जैन, अतुल जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। झंडा रोहण लाला सुरेशचंद, पंकज जैन ने किया। पंडित अशोक ने विनय पाठ पढकर विधान की क्रियाएं प्रारंभ कराई। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के त्योहारों का शुभारंभ हो गया है। उत्तम क्षमा का दिन है। आज से हमे दस दिन तक क्षमा भाव रखना है। सभी जीवों के प्रति और जितना धर्म हम इन दस दिनों में कर सकते है उतना करें। बिजेंद्र जैन, पीयूष जैन, मयंक जैन, आनंद जैन, प्रमोद, कामिनी जैन, नीलम लैन, लवी जैन, प्रिया जैन, विनीत, मनीष, अजय सहित भारी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
उधर, अग्रवाल मंडी टटीरी में दशलक्षण पर्व मनाया गया। महिला मंडल के अध्यक्ष सुधा जैन के नेतृत्व में जैन मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। दीप्ति जैन, सुमन, गीता, माया, प्रभा, प्रर्मिला, सपना, वंदना, धनपाल जैन, प्रवीण जैन, वाशु, देवेंद्र मित्तल, महेश, प्रमोद जैन, वैभव जैन, शुभम, सुनील कुमार, विशाल, मुकेश, श्रीयांश जैन, नीरज मौजूद रहे।
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अमीनगर सराय में पर्यूषण पर्व मनाया गया। दस दिवसीय इंद्रध्वज महामंडल विधान कलश यात्रा के साथ मंत्रोचार के बीच शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की। मुनि निर्वाण भूषण महाराज के पावन सानिध्य और मुंबई से पधारे विद्वान देवांश जैन के निर्देशन में पहले दिन श्रीजी की पूजा अर्चना की गई। सांय काल में सामूहिक आरती एवं भक्ति संगीत का आयोजन हुआ। संचालन दिनेश जैन ने किया। पंडित धनराज जैन, विनोद जैन, लाला जयकुमार जैन, अरूण जैन, राकेश जैन, अनिल जैन, प्रवीण जैन, कपिल जैन, अशोक जैन, राजेश जैन, अमित जैन, उषा जैन मौजूद रहे।
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