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योगी जी, सिर्फ हाईवे से नहीं आएंगे बागपत के अच्छे दिन

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बागपत। पिछले नौ माह में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चौथी बार मंगलवार को बागपत जिले में आ रहे हैं। हाईवे निर्माण से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य लटके हुए हैं। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण से विकास का पहिया घूमना शुरू हो जाएगा, लेकिन कई कार्य ऐसे हैं, जिनके पूरा होने की उम्मीद लोग लगाए बैठे हैं। रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण के बाद अब बागपत चीनी मिल के विस्तारीकरण की उम्मीद लिए किसान बैठे हैं।
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समस्या-एक
बागपत मिल का विस्तारीकरण
बागपत चीनी मिल की पेराई क्षमता कम है। क्षेत्र के किसान परेशान हैं। पेराई क्षमता कम होने के कारण सत्र देरी तक चलता है। विधायक योगेश धामा कई बार प्रकरण को उठा चुके हैं। रमाला मिल की तरह ही बागपत मिल के दोहरीकरण की मांग चली आ रही है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

समस्या-दो
मर रहे किसान, दोबारा चकबंदी कराने की मांग
जिले के बामनौली, रंछाड़, बरनावा समेत चार गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। बामनौली के किसान ने आत्महत्या कर ली थी, इसके अलावा किसान कई बार टावर पर चढक़र आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। किसान दोबारा से चकबंदी की मांग कर रहे हैं। इसके लिए आंदोलन भी किया गया।
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समस्या-तीन
छपरौली पुल और हरियाणा से रकबे का विवाद
यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच लंबे समय से जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। केंद्र के अलावा यूपी और हरियाणा में भाजपा की सरकार है, इस समस्या का समाधान होना चाहिए। प्रत्येक वर्ष दोनों प्रदेशों के किसानों में खूनी संघर्ष होता है। छपरौली में यमुना पर पुल की पुरानी मांग है, इससे दोनों राज्यों के किसानों को लाभ होगा, लेकिन अभी तक यह मांग अधूरी है।

समस्या-चार
न मजनूं हटे और न ही हटा अतिक्रमण
भाजपा सरकार बनते ही एंटी भूमाफिया स्कवायड बनाया गया था। यही नहीं बाजारों से अतिक्रमण हटाने के आदेश थे। अभी सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध कब्जे हैं, अतिक्रमण के कारण लोग परेशान हैं। एंटी रोमियो स्कवायड कागजों पर हैं, आए दिन बाजारों में छेडख़ानी की घटनाएं हो रही है। छात्राओं के साथ कॉलेजों के बाहर आए दिन छेडख़ानी की घटनाएं हो रही है।

समस्या-पांच
गंदा पानी पीने को मजबूर चौगामा
हिंडन-कृष्णा नदियों के बीच बसे चौगामा क्षेत्र के लोग प्रदूषित जल पीने को मजबूर हैं। यहां प्रत्येक वर्ष 70 सेमी भूजल स्तर गिर रहा है। एनजीटी ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन व प्रशासन को कई बार निर्देश दिए, लेकिन शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। चौगामा नहर का निर्माण 40 वर्ष पूर्व 1978 में शुरू हुआ था। आज भी यह अधूरी है और न ही इसमें पानी छोड़ा जा रहा है।

समस्या-छह
आखिर कब मिलेगा बकाया भुगतान
बागपत के किसानों के चीनी मिलों पर करीब सात सौ करोड़ रुपये बकाया हैं। अकेले बागपत, मलकपुर और रमाला चीनी मिल पर ही पांच सौ करोड़ से अधिक बकाया है। किसानों को बकाया भुगतान नहीं मिलने से समस्याएं हो रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें बकाया भुगतान चाहिए, जबकि यूपी, केंद्र में भाजपा की सरकार है। प्रत्येक 14 दिन में बकाया भुगतान का वायदा पूरा नहीं किया गया।

समस्या-7
जिला मुख्यालय पर चाहिए बस अड्डा
बागपत जिला मुख्यालय पर बस अड्डा नहीं है। रेलवे स्टेशन भी दूर है। बस अड्डे के निर्माण की पुरानी मांग है, जिसके लिए बागपत विधायक सीएम योगबथदित्यनाथ से मिल चुके हैं।

समस्या-8
कब सुधरेगा स्कूलों का हाल
परिषदीय स्कूलों की हालत दयनीय हो रही है। ऐसे कई स्कूल हैं, जिनमें शौचालय और चारदीवारी तक नहीं है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद भी हालात नहीं सुधर रहे हैं।
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