बागपत। जिले में भाजपा की अंतर्कलह फिर से खुलकर सामने आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ही बागपत विधायक योगेश धामा वीवीआईपी बॉक्स के बजाए सीधे आमजन के लिए बनाए गए पांडाल में जाकर बैठे। प्रधानमंत्री मोदी को फूल देने भी नहीं पहुंचे। हालांकि विधायक ने कहा पीएम के वीवीआईपी कल्चर खत्म करने के अभियान से प्रेरणा लेकर ही वह आम लोगों के बीच जाकर बैठे और प्रधानमंत्री को सुना।
भाजपा की तीनों सीटों पर भाजपा विधायक काबिज हैं और केंद्र में डॉ. सत्यपाल सिंह मंत्री है। रालोद के गढ़ में भाजपा का सियासी वजूद बढ़ा तो राजनीतिक हित भी टकराने लगे। प्रदेश नेतृत्व तक इस मामले की गूंज है कि बागपत में भाजपा कार्यकर्ता कई धड़ों में बंटने शुरू हो गए हैं। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सियासी हमले भी तेज हो गए हैं। सोशल मीडिया पर गुटबाजी से हर कोई वाकिफ है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेकड़ा पहुंचे। बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा पीएम को गुलाब का फूल देने नहीं पहुंचे। यही नहीं वह कार से उतरे, लेकिन वीवीआईपी बॉक्स में नहीं पहुंचे। इसी बॉक्स में विधायकों को बैठाया । विधायक धामा सीधे आम जन के लिए बनाए बॉक्स में पहुंचे और जनता के बीच बैठकर पीएम को सुना। वजह पूछी तो विधायक कहते हैं कि वीवीआईपी कल्चर को खत्म करने के पीएम के अभियान को वह आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। असल में विधानसभा चुनाव के बाद से भाजपा में गुटबाजी बढ़ी है। भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर को सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री तक पहुंचने से रोक लिया था। इसे लेकर हंगामा हुआ, लेकिन बाद में मामला सुलटा लिया गया। अब विधायक धामा का लोगों के बीच में बैठने से जाहिर हो गया कि वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है।
अमित शाह से मिल चुके हैं धामा
बागपत। विधायक योगेश धामा पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिल चुके हैं। कई मुद्दों पर उन्होंने बातचीत की। माना जा रहा है कि उन्होंने जिले में भाजपा की स्थिति का मामला भी रखा होगा।