दोघट (बागपत)। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार जब तक विदेशों से चीनी का आयात बंद नहीं करेगी, तब तक किसान के गन्ने का भाव और भुगतान समय पर नहीं हो सकता है। जब तक किसान को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिलेगा, किसान का भला होने वाला नहीं है। लागत के हिसाब से किसान को फसल का मूल्य मिलना चाहिए।
रविवार को गांगनौली गांव में गौरव राठी के आवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा किसान गन्ने के भाव के साथ भुगतान से भी जूझ रहा है। एक तरफ पाकिस्तान से हमारा संघर्ष चल रहा है, दूसरी तरफ सरकार पाकिस्तान से चीनी का आयात कर रही है। किसान पर बढ़ी बिजली की दरों का बोझ डाल दिया है। इसे किसान कभी वहन ही नहीं करेगा। किसान पर 145 रुपये प्रति हार्स पावर बिल नहीं दिया जाएगा। इस पर सरकार ध्यान दे। किसान व सरकार आमने-सामने हो, यह भी अच्छा नहीं रहेगा। भाजपा सरकार अपने घोषणा पत्र पर भी अमल नहीं कर पाई है। प्रदेश में आलू, गन्ना, गेहूं, धान आदि मुख्य फसलों के 135 सरकारी कृषि फार्म है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध जरूर कम हुआ है, लेकिन भ्रष्टाचार तो बढ़ा है। किसान से बिना पेनल्टी बिल लिए जाए। भाकियू का 22 फरवरी को पूरे प्रदेश में चक्का जाम का कार्यक्रम लखनऊ में मुख्यमंत्री से वार्ता होने एवं विवाह शादियों को देखकर स्थगित करना पड़ा। किसानों की सात मार्च को बुढ़ानी में पंचायत होगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह, गौरव राठी, उपेंद्र मुखिया, राजेंद्र सिंह आदि रहे।