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पेयजल, टूटी सड़कें और ओडीएफ की होगी जांच: डॉ सत्यपाल सिंह

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बागपत। केंद्रीय मानव संसाधन, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरोद्धार राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा की। पाइप पेयजल योजना, ओडीएफ, गन्ना भुगतान और टूटी सड़कों का मुद्दा छाया रहा। राज्यमंत्री ने कहा जो शिकायतें मिलीं हैं, उनकी जांच होगी। सरकार की योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचना चाहिए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। सरकार की गांव और गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है। समीक्षा में खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी भी जाहिर की। राज्यमंत्री ने कहा जिले में मेडिकल कॉलेज बनवाने और महिला अस्पताल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से हटवाने की मांग सीएम से रखी हैं।
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विकास भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक हुई। सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, समेकित वाटर शैड प्रबंधक कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, मध्याह्न भोजन स्कीम, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास की समीक्षा की ।
राष्ट्रीय पाइप पेयजल योजना पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही सवाल उठाए। आरोप लगाया कि करोड़ों की लागत से टंकी निर्माण कराया और पाइप बिछाए हैं, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। हंगामे के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग को जांच कर रिपोर्ट देने और योजना के संचालन की जिम्मेदारी दी । बावली और सरूरपुर कलां में टूटी सड़कों को पांच दिन में सही करने के निर्देश दिए। बावली गांव में ट्रांसफार्मर चालू नहीं कराया, सड़क के बीच में खंभे गाड़ दिए। बिना मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सहायता प्राप्त विद्यालयों में गड़बड़ी चल रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। राज्यमंत्री ने कहा किसानों का 14 दिन में गन्ने का भुगतान किया जाएगा। डीसीओ को निर्देश दिए रिजेक्ट गन्ना भी मिल द्वारा लिया जाएगा। खेकड़ा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर ने ओडीएफ में फर्जीवाड़ा बताया। घिटौरा में 370 शौचालय स्वीकृत किए हैं, इसके लिए 37 लाख रुपये का बजट जारी हो गया है। अभी तक गांव में 90 शौचालयों का ही निर्माण हो पाया है। इस पर सीडीओ ने बृहस्पतिवार को जांच का भरोसा दिलाया। राज्यमंत्री ने कहा जिले में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसमें डीएम भवानी सिंह खंगारौत, एसपी जयप्रकाश, सीडीओ चांदनी सिंह, डीडीओ हुब लाल, पीडी एमएल पटेल, विधायक योगेश धामा, ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र धामा मौजूद रहे।
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मंत्री के गांव की समस्याएं भी उछली
बागपत। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह के गांव बसौली में समस्याओं अंबार लगा है। मीटिंग में बासौली के प्रधान ने बताया जल निगम पाइप पेयजल योजना से लगाए गए पाइपों की लिकेज समस्या दूर नहीं हो रही है। जगह-जगह से पाइप फट जाते हैं। लेखपाल पर भी आरोप लगाए । मंत्री ने जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रधान के खाते में करोड़ों, फिर विकास क्यों नहीं
बागपत। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा ग्राम प्रधान के खाते में एक करोड़ से अधिक रुपये की धनराशि है, लेकिन विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। आरोप लगाया विभाग से कमीशन मांगा जाता है। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने इस पर कहा कि अगर कोई सिद्ध कर दें कि डीपीआरओ या अन्य किसी ने कमीशन मांगा है तो वह खुद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।

किसी ने मांगा नया तो किसी ने पुराना भुगतान
बागपत। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह से मिलने के लिए विकास भवन में सैकड़ों किसान पहुंच गए। किसी ने मलकपुर मिल से नये पेराई सत्र के भुगतान की मांग की तो किसी ने पुराने। डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा नए सत्र का नियमित तौर पर भुगतान कराया जाएगा। डीसीओ सुशील कुमार को भी इस बाबत निर्देश दिए। नैथला के किसानों ने कहा गांव में खनन चल रहा है। इस कारण गांव में बाढ़ आने का खतरा रहेगा। सादिकपुर सिनौली के ग्रामीणों ने मलकपुर मिल से पुराना गन्ना भुगतान कराने के लिए मांग की है।

आगे भाजपाई बैठे, पीछे अफसर
बागपत। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भाजपा कार्यकर्ता पहले ही पहुंच गए। विभिन्न प्रतिनिधियों और अधिकारियों की कुर्सी पर भाजपाई दिखे। योजनाओं की समीक्षा कम और शिकायतों का दौर अधिक चला।

किसानों को संभालने खुद आए एसपी
बागपत। समीक्षा बैठक के दौरान किसानों ने सभागार के बाहर हंगामा कर दिया। एसपी जयप्रकाश खुद किसानों के बीच पहुंचे। उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उनके साथ नोकझोंक शुरू कर दी। मंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे। बैठक के समाप्त होने के बाद ही केंद्रीय राज्यमंत्री से मिले और भुगतान की मांग रखी।
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