अब दूसरे विभागों के लिए कार्य नहीं करेगी आंगनबाड़ी
बागपत। आंगनबाड़ी अब दूसरे विभागों के कार्य करती हुई नजर नहीं आएगी। प्रदेश के मुख्य सचिव ने दूसरे विभागों के कार्य करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब आंगनबाड़ी से हौसला पोषण योजना, गर्भवती, कुपोषित बच्चे का ध्यान रखने, लाभार्थियों का सत्यापन और सर्वे कराने का कार्य लिया जाएगा।
प्रशासन द्वारा जिले की आंगनबाड़ी और सहायक से उनके विभाग से हटके अन्य विभागों का कार्य लिया जाता है। दबाव के चलते उन्हें मजबूर होकर अन्य महकमे के कार्य करने को मजबूर होना पड़ता था। उनसे जनगणना कार्य में भी लगा दिया जाता तो कभी वोटों के सत्यापन कराने में। चुनाव आते ही उनकी ड्यूटी विभिन्न कार्यों में लगा दी जाती थी। इससे उनके मूल विभाग का कार्य प्रभावित हो जाता था। कई साल से इसका विरोध चल रहा था। प्रदेश स्तर के अफसरों से कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। सूबे में सरकार बदलते ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी राहत मिल गई। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने दूसरे विभागों के कार्य न करने के लिए रोक लगा दी है। उनसे अन्य विभागों के अफसर कार्य नहीं लेंगे। जिला स्तर के अफसरों को इसके लिए निर्देशित किया। आंगनबाड़ी सिर्फ शिशु, गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने, किशोरी, बालिकाओं एवं महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ हौसला पोषण योजना का संचालन करने, अति कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं को गर्म पका पकाया खाना देने, साथ ही प्रदेश में लाभार्थियों के सर्वे, सत्यापन का कार्य कराया जाएगा।
मुख्य सचिव ने डीएम को पत्र भेजकर आंगनबाड़ी के साथ-साथ उनके वाहनों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सरिता चौधरी ने शासन से कई बार अन्य विभागों के कार्य न लेने के लिए मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। सरकार के बदलते ही उनकी मांग को माना गया है। इससे आंगनबाड़ी अपना काम अच्छा कर सकेगी।