बागपत। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य विभाग ने कुष्ठ दिवस मनाया। सीडीओ पीसी जायसवाल की अध्यक्षता में शपथ समारोह का आयोजन किया। इसमें लोगों को कुष्ठ रोगियों से भेदभाव नहीं करने की शपथ दिलाई। वहीं रोगियों की पहचान कर उपचार कराने का आह्वान किया।
विकास भवन सभागार में जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ समारोह आयोजित किया गया। इसमें सीडीओ पीसी जायसवाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों से भेदभाव नहीं, उनका सहयोग करना चाहिए। यह छुआछूत का रोग नहीं है। शरीर पर हल्के रंग के दाग धब्बे होना, इसमें सुन्नपन हो, यह कुष्ठ रोग का प्रमुख लक्षण होगा। इस तरह के रोगी की पहचान कर तुरंत इसका उपचार स्वास्थ्य केंद्रों पर कराए। सभी केंद्रों पर इसका मुफ्त में इलाज होता है। समय पर इलाज कुष्ठ से एवं विकलांगता से मुक्ति मिल सकती है। कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि जिले में 26 रोगी हैं। इनका उपचार स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रहा है। यह रोग छुआछूत का नहीं है। रोग की पहचान होने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर इसका मुफ्त में इलाज किया जाता है। इनसे भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसमें एसीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, डीएसटीओ एमपी सिंह, डॉ. उमर, डॉ. अनुज, विक्रम त्यागी आदि मौजूद रहे।
कुष्ठ से बचाव की स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्ध
बागपत। पेरा मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉ. उमर ने बताया कि कुष्ठ रोग मायको वैक्टीरियम लेप्रे वैक्टीरिया के कारण होता है। कुष्ठ रोग ग्रस्त व्यक्ति के जीवाणु द्वारा फैलता है। कुष्ठ रोगियों को स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त में दवा दी जाती है।
कुष्ठ रोग के लक्षण
त्वचा के दाग, धब्बों में संवेदनहीनता (सुन्नपन)
हाथ, पैरों में अस्थिरता या झुनझुनी
हाथ पैर या पलकों की कमजोरी, नसों में दर्द
कान, चेहरे पर सूजन या गांठ
हाथों या पैरों पर सुन्न घाव