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हरसिया बिजलीघर की लाइन का विरोध कर रहे किसान की मौत

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बागपत। हरसिया बिजलीघर की लाइन का विरोध कर रहे पाबला बेगमाबाद गांव के किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिजनों ने कहा विद्युत निगम के अधिकारियों ने उनसे जल्द ही लाइन खींचे जाने के लिए कॉल की । यह सूचना सुनते ही किसान को हार्टअटैक पड़ गया और उसकी मौत हो गई।
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बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए पोल खड़े किए जा रहे हैं। पाबला बेगमाबाद गांव के किसानों ने उचित मुआवजा न दिए जाने का आरोप लगाते हुए आठ दिसंबर को लाइन का काम रुकवा दिया था। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को किसानों ने वापस लौटा दिया । एसडीएम विवेक कुमार सिंह और सीओ दिलीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली । अवर अभियंता राजेश कुमार पटवा ने किसान विष्णु और सत्यवीर पुत्र समरू, महाराज पुत्र हर चंद्र, रवि पुत्र ज्ञानू, एकराम पुत्र टेकचंद, नेपाल पुत्र ज्ञानू, रूगम पुत्र कालू, विक्रम पुत्र जगमाल, सुरेश पुत्र कालू, लीलू पुत्र जगपाल, गज्जू पुत्र तोफा, देवेंद्र पुत्र मांगे, सत्यपाल और 10-15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । उधर, शनिवार को दिल्ली के अस्पताल में पाबला गांव के किसान बेगराज (55) की मौत हो गई। परिजनों ने कहा दो दिन पहले विद्युत निगम के अधिकारियों ने उनसे कॉल कर कहा था कि वह जल्द ही लाइन खींची जाएगी, इसके बाद किसान को दौरा पड़ा और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह का कहना है किसान हितों के लिए ही विद्युत लाइन खींची जा रही है। पिछले काफी समय से काम बंद है। विद्युत निगम किसान हितों के लिए कार्य कर रहा है। किसान की मौत दुखद है, लेकिन इसके लिए निगम को उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए।



... इसलिए परेशान था किसान
बागपत। परिजनों ने कहा किसान के खेत में तीन पोल लगाए जाने हैं, इसका वह विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा विद्युत निगम की तरफ से संबंधित किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इस कारण किसान परेशान में है।
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