बड़ौत (बागपत)। बजट की इंतजार कर रहे रिम धुरा उद्योग संचालकों को जोर का झटका लगा है। जीएसटी में राहत नहीं दिए जाने से उद्यमियों को झटका लगा है। उम्मीद थी कि कर को 18 प्रतिशत से कम किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उद्यमी दीपक जैन का कहना है कि टैक्स अधिक होने का नुकसान उन्हें भी है और किसान को भी। जीएसटी में पहली बार उद्योग को रखा गया है, यह गलत फैसला है। बजट से भी उनकी उम्मीदों को झटका ही लगा है।
उद्यमी अनिल जैन का कहना है कि टैक्स घटाया जाना चाहिए था। टैक्स अधिक रहने से किसान और उद्यमी दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कृषि यंत्रों को जीएसटी मुक्त किया जाना चाहिए। बजट ने उन्हें निराश किया है।
सचिन जैन का कहना है कि बेहद निराशाजनक बजट रहा। रिम एवं धुरा उद्योग से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि टैक्स कम किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार की मंशा समझ से परे हैं। इससे सीधा नुकसान उद्यमियों के साथ किसानों को भी है। सरकार ने दोनों की ही चिंता नहीं की।