फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गणपति बाप्पा मौर्या, अगले बरस तू जल्दी आ...

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। गणपति बाप्पा मौर्या, अगले बरस तो जल्दी आ के जयकारे के साथ भगवान गणेश की मूर्तियों को यमुना में विसर्जित किया । श्रद्घालुओं ने यमुना पर पहुंचकर पूजा अर्चना की। शहर में शोभायात्रा निकाली। ।
विज्ञापन

शहर में विभिन्न मोहल्लों में गणपति को स्थापित किया था। इनकी 11 दिन तक नित्य नियम पूजा अर्चना हुई। जागरण पार्टियों ने गणपति का गुणगान किया। मंगलवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर गाजे-बाजे से गणपति को रथों पर सवार किए । सभी जगह पुजारियों ने पूजन किया। इसके बाद शोभा यात्रा निकाली । इसमें मनमोहक झांकियां रही। डीजे पर गणपति की भजनों पर श्रद्धालु थिरके। शहर के बड़ा बाजार में शिव सेवा संघ, शिव भूमिया समिति, युवा धर्म सेवा समिति सहित अन्य संगठनों ने गणेश भगवान की शोभा यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ यमुना पर पहुंची। गणेश महोत्सव के आयोजकों ने पूजा अर्चना की। पुजारियों के मंत्रोचार के बाद गणपति को यमुना में विसर्जित कर दिया।
अग्रवाल मंडी टटीरी में गणेश सेवा समिति के पदाधिकारी ने प्रथम पूजनीय गणेश भगवान को विदाई दी। शोभा यात्रा में श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। अबीर गुलाल उड़ाया। दोघट के टीकरी कस्बे में गणेश की शोभायात्रा निकाली। प्रतिमा को हरिद्वार में विसर्जित करने के लिए आयोजक रवाना हो गए। भाजपा के मंडल महामंत्री अजय राठी, कृष्णवीर राठी, अंकित राठी, मंदिर के पुजारी सरवचन, कालू राम, राममेहर, हरपाल राठी, सुनील, रोहित, राजीव शर्मा, अरविंद शास्त्री का सहयोग रहा।
विज्ञापन


यमुना का घाट बना चौपाटी
गणेश विसर्जन के समय यमुना का घाट मुंबई की चौपाटी से कम नहीं लग रहा था। हजारों की संख्या में भीड़ गजानंद को देखने पहुंची थी। इसमें बच्चों से लेकर बड़े और महिला शामिल रही।

गोद में लेकर पहुंचे गणपति
गली-मोहल्लों के अलावा लोगों ने अपने घरों में भी गणपति को स्थापित किए । घरों में कन्याओं को जिमाने के बाद शाम के समय यमुना पर श्रद्धालुओं भगवान गणेश की छोटी-छोटी मूर्तियों गोद में लेकर पहुंचे। पूजा अर्चना के बाद मूर्तियां विसर्जित कीं।

जानी गंगनहर में की गई मूर्ति विसर्जित
बागपत। श्रद्धालुओं ने बागपत गणेेश विसर्जित को लेकर शोभा यात्रा निकाली। बाद में वे मूर्तियों को लेकर यमुना पर पहुंचे , लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद वह मेरठ के जानी स्थित गंगनहर में मूर्तियों को विसर्जन के लिए रवाना हो गए। उधर कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा यमुना में किसी ने भी मूर्ति विसर्जन नहीं किया। एनजीटी के आदेश के चलते गंगनहर में मूर्ति विसर्जन किया गया है। पुलिस पर लगाए आरोप गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें