बागपत। मेरठ में नायब तहसीलदार सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मंडलायुक्त द्वारा मुकदमा दर्ज करवाने से जिले के कर्मचारियों में रोष है। उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के सदस्यों ने डीएम दफ्तर के बाहर धरना देकर कर्मियों के खिलाफ मेरठ में दर्ज मुकदमा वापस लेने और मंडलायुक्त के तबादले की मांग की।
शनिवार को कलक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर पर सभी कर्मचारी और पदाधिकारी एकत्र हुए और डीएम दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष अजय शर्मा और सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया गत दिनों मंडलायुक्त ने मेरठ तहसील के नायब तहसीलदार उदयवीर सिंह, रण सिंह, नायब नाजिर देवेंश नंदन शर्मा, राजस्व लिपिक आकाशदीप, पेशकार तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जो शासनादेश के खिलाफ है। इसके लिए शासन से अनुमति नहीं ली। इस संबंध में कमिश्नर का घेराव किया और वार्ता भी विफल रही। कर्मचारियों ने मुकदमा वापस करने और मंडलायुक्त का स्थानांतरण की मांग की। मांग के लिए लिपिक कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश रखा। कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें राज कुमार, राजेंद्र शर्मा, रजन सिंह, राजीव कुमार, नवनीत सक्सेना, दिनेश, मंजू लता शर्मा, ममता, प्रिया, अशोक कुमार, गुफरान अहमद आदि रहे।