स्वतंत्रता संग्राम का आदि तीर्थ घोषित हो सेल्युलर जेल
बड़ौत (बागपत)। कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया नई दिल्ली में पब्लिशर्स एवं डिस्ट्रीब्यूटर्स नई दिल्ली के तत्वावधान में सोमवार को आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में प्रतिष्ठित इतिहासकार अमित राय जैन द्वारा लिखित ‘सेल्यूलर जेल ऑफ अंडमान निकोबार आइलैंड’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।
दिल्ली से लौटकर मंगलवार को नगर मेें हुई पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि विमोचन सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी आंदोलन के प्रारंभिक वर्षों से लगातार आजादी प्राप्त करने तक क्रांतिकारियों एवं शहीदों को अंग्रेजी हुकूमत ने विश्व की सबसे दुर्दांत कारागार सेल्यूलर जेल में काला पानी की सजा देकर भेजा था। जहां पर हजारों की संख्या में जनमानस ने अपनी आहुति आजादी के यज्ञ में दी थी। उन्होंने कहा कि अंडमान निकोबार दीप समुह पर स्थित इस जेल को आजादी आंदोलन आदि तीर्थ घोषित होना चाहिए ताकि वहां की यात्रा कर वर्तमान समय में भारतीय लोग अपने पूर्वजों की शहादत और वहां पर किए गए सितम से रूबरू हो सके।
मुख्य अतिथि केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अंग्रेजी हुकुमत जहां वर्तमान में मानवधिकारों के संरक्षण का पाठ दुनिया को पढ़ा रही है, वहीं उनका इतिहास भारत में उनके शासनकाल के दौरान अत्यंत भयावह है। केंद्रीय आयुष मंत्री स्वतंत्र प्रभारी श्रीपद् यशोनायक ने कहा कि भारत के आगामी भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है कि बच्चे देश में समाज के प्रति जागरूक बने। अंडमान निकोबार के सांसद विष्णु पदा रे ने पुस्तक लेखक, प्रकाशक को धन्यवाद दिया। अमित राय जैन ने बताया कि समारोह में नेताती सुभाषचंद बोस के पौत्र चंद्र कुमार बोस ने कहा कि यह पुस्तक नेताजी को सच्ची श्रद्वाजंलि के रूप में याद की जाएगी। समारोह को सफल बनाने में चीफ जस्टिस प्रमोद कोहली, प्रवेश खन्ना, सरला देवपाल सिंह, चित्रकूट विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश के कुलपति प्रोफेसर नरेशचंद गौतम, डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर जीसीआर, बुदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर रमेशचन्द्रा, डा कृष्णकांत शर्मा, डा. अमित पाठक, राकेश चौहान, कर्नल अनिल गोथ, रजनीश जैन, मोहित जैन, लेफिटयेनट जनरल आरएन सिंह, गोलोक बिहारी राय, सुरेंद्र सिंह, सुरेश जैन शामिल रहे।