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प्रमोद हत्याकांड के दो आरोपियों ने किया समर्पण, दो फरार

Sat, 20 Apr 2019 09:29 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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बागपत। बली गांव के गैंगेस्टर प्रमोद की हत्या में फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। दो आरोपी फरार है। दोनों आरोपी बोले उन्होंने प्रमोद को मारकर दोस्त राहुल उर्फ चोटी व नीरज भाटी की हत्या का बदला लिया है। कोर्ट से दोनों को जेल भेजा।

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अग्रवाल मंडी टटीरी में 28 दिसंबर 2018 को बली गांव निवासी गैंगेस्टर प्रमोद की गोलियों से भूनकर हत्या की। पुलिस ने रिंकू उर्फ विशाल निवासी जावली के थाना लोनी के जनपद गाजियाबाद को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। हत्या में शामिल संजू उर्फ संजय निवासी बली, राम पुत्र दारा सिंह, रूपक निवासी अहेड़ा, अशोक निवासी बुढेड़ा फरार थे। संजू उर्फ संजय व राम ने तीन दिन पहले कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के लिए अर्जी लगाई ।

पुलिस आरोपियों को सरेंडर करने से पहले पकड़ना चाहती थी। पुलिस ने कचहरी में दो दिन तक उन्हें पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया, लेकिन सोमवार को दोनों आरोपियों को पुलिस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। संजू उर्फ संजय बोला कि मृतक प्रमोद ने उसके दोस्त राहुल उर्फ चोटी की हत्या की थी। उसने प्रमोद को मारने की कसम खाई थी। दोस्त की हत्या का बदला ले लिया।
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आरोपी राम ने बताया कि उसके मामा नीरज भाटी निवासी बुढेड़ा की 22 मई 2015 को मृतक प्रमोद ने अग्रवाल मंडी टटीरी में गोली मारकर हत्या कर दी। मामा की हत्या का बदला लेने की प्रमोद की हत्या की। दोनों बताया कि प्रमोद की हत्या करने के बाद वे बस में बैठ कर मेरठ जनपद के जानी थाना क्षेत्र में गंगनहर पर पहुंचे। नहर में दोनों ने तमंचे फेंके । इसके बाद वे दिल्ली चले गए। उस दिन से दिल्ली में ही छिपे थे। कोर्ट से दोनों को जेल भेजा। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि दो आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया। कस्टडी रिमांड पर लेकर दोनों से पूछताछ होगी। फरार आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही है। उन्हें भी जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।

नवीन ने लगाई सरेंडर की अर्जी
पुलिस ने बताया कि प्रमोद की हत्या में सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी नवीन ने आत्मसमर्पण करने की अर्जी लगाई। जबकि पुलिस विवेचना में उसका नाम भी प्रकाश में नहीं आया। पुलिस ने उसके घर पर दबिश तक नहीं दी। पुलिस का दावा है कि वह आरोपी रूपक को बचाना चाहाता है। पुलिस को गुमराह करने के लिए रूपक ने नीरज से सरेंडर करने की अर्जी डलवाई।

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