बागपत। पूर्व मिसेज यूनिवर्स माया सिंह ने कहा कि कोई राह कठिन नहीं होती, कोई दिन मुश्किल नहीं होता। बेटियां ईश्वर का अनुपम उपहार हैं, हर रोज नई उड़ान भर सकती हैं। व्यक्ति का नजरिया जिंदगी को बदल देता है। जैसी सोच होगी, जिंदगी उसी तरह की बन जाएगी।
कोर्ट रोड स्थित श्री दिगंबर जैन धर्मशाला में अमर उजाला और व्हिस्पर च्वॉइस के सपनों की उड़ान कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन माया सिंह, डा. श्याम भवी मिश्रा, एसआई रूबी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। पीरियड्स और इससे लड़कियों के शरीर में होने वाले परिवर्तन पर चर्चा की गई। पीरियड्स के दौरान कपड़े का प्रयोग नहीं करने और इससे होने वाले संक्रमण के विषय में बताया गया। महिला रोग विशेषज्ञ डा. श्याम भवी मिश्रा ने कार्यशाला में पहुंची मां और बेटियों को जागरूक किया। इस दौरान व्हिस्पर च्वॉइस की ओर से वीडियो दिखाया गया, जिसमें सेनेटरी पैड के प्रयोग की जानकारी दी गई। व्हिस्पर च्वॉइस की ओर से कार्यशाला में शामिल अनुराधा ने लड़कियों को जानकारियां दी। मंच का संचालन विचित्रा कौशिक ने किया। लड़कियों ने कार्यशाला में सवाल पूछे, जिनका डॉक्टर ने जवाब दिया।
मां-बेटियों के बीच हुए रोचक मुकाबले
बागपत। सपनों की उड़ान कार्यशाला के दौरान कई प्रतियोगिताएं भी कराई गई। मां और बेटियों के बीच रस्सा खींच, रस्सी कूद समेत कई प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया गया। इसमें मां और बेटियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
किसने क्या कहा
बच्चियों की पहली पाठशाला मां ही होती है। मां की जिम्मेदारी है कि वह बच्चियों की दोस्त बनें और आपसी रिश्ते को ऐसा बनाएं, जिसमें हर विषय पर खुलकर बातें की जा सकें। बेटियों को भी चाहिए कि वह अपनी मां से हर बात शेयर करें, तो जिंदगी आसान हो जाएगी।
माया सिंह, मिसेज यूनिवर्स, 2015
मां और बेटी के बीच आपसी समझबूझ का रिश्ता होता है। बच्ची की पहली मार्गदर्शक मां होती है। बेटियों को डराया नहीं जाना चाहिए, प्रत्येक विषय पर सही जानकारी दें और उनका सही मार्गदर्शन करें। बेटियां यह जान लें कि मां से बेहतर उनकी अच्छी कोई दोस्त नहीं हो सकती।
रूबी, एसआई, बागपत
मां-बेटी की मजबूत बांडिंग स्वच्छ और मजबूत समाज का निर्माण करती हैं। बेटियां जागरूक बनें। बीमारियों से बचाव जरूरी है। इसके लिए स्वच्छता जरूरी है। लड़कियां जंक फूड खाने से दूर रहें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ श्याम भवी मिश्रा