किसान संघर्ष समिति के बैनर तले महापंचायत का आयोजन
संतोषजनक जवाब न मिलने पर किसानों ने जताई नाराजगी
फोटो संख्या 11.....
बड़ौत। किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान मेें मांगे पूरी न होने पर महापंचायत का आयोजन किया गया, लेकिन एसडीएम द्वारा कोई संतोषजनक आश्वासन न देने पर किसानों में रोष व्याप्त हो गया। गठित कमेटी ने विचार-विमर्श कर पंचायत मेें निर्णय दिया कि 25 जुलाई तक मांगें नहीं मानी जाती तो सात किसान तहसील मेें आमरण अनशन शुरू करेंगे।
बुधवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार तहसील में संघर्ष समिति के बैनर तले महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिले सिंह व संचालन शशिकांत ने किया। वक्ताओं ने कहा कि 21 मई से 11 जून तक किसानों के तहसील में चले धरना में गन्ना का भुगतान ब्याज सहित कराने, नहरों की सफाई कराने, बढ़ी पावर को कम करने, बढे़ हुए बिलों को वापस करने आदि मांग रखी गई थी। प्रशासन ने इन मांगों पूरा करने का आश्वासन दिया था। धरने के दौरान जिवाना का उदयवीर किसान की मौत भी हुई थी। इसे लेकर संघर्ष समिति के लोग एसडीएम से कई बार वार्ता भी कर चुके हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसको लेकर यह महापंचायत बुलायी गई।
काफी विचार-विमर्श के बाद एसडीएम अरविद कुमार द्विवेदी को बुलाया गया और मांगों के संबंध मेें कार्रवाई के बारे मेें जानकारी ली गई, लेकिन संतोष जनक आश्वासन नहीं देने पर पंचायत मेें मौजूद लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। इसके बाद संघर्ष समिति के लोगों को अलग बुलाकर आगे निर्णय लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई। काफी विचार-विमर्श के बाद निर्णय सुनाया कि 25 जुलाई तक यदि समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो 25 जुलाई को सात किसान आमरण अनशन शुरू कर देंगे, इनमें रामबीर ठेकेदार, रोहताश मैनेजर, वीरसेन, सुंदरलाल, राजेन्द्र, किरणपाल, वीरेन्द्र बैठेंगे। पंचायत में हरवीर सिंह, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, बलजोर सिंह, रणधीर प्रधान, नरेद्र राणा, वेदपाल पंवार, सुंदरलाल, राजीव मंडेत, गुलाब मोहम्मद, महक सिंह सिलाना, चौधरी सुभाष सिंह, ओमप्रकाश, वीरेन्द्र सिंह, नरेंद्र सिंह, सत्यवीर सिंह, जिले सिंह, रामफल, सूबे सिंह, सोनू सिनौली, मुनेश बरवाला, राजवीर, राजेन्द्र सिंह प्रधान, उपेन्द्र तोमर मौजूद रहे।