बागपत। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 400 महिला समूहों द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.28 हजार विद्यार्थियों की ड्रेस सिलाई करने का जिम्मेदारी दी गई है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आमदनी में इजाफा होगा। इसके लिए कार्य योजना तैयारी हो गई है।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने और महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ बनाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की ड्रेस सिलाई की जिम्मेदारी समूहों की महिलाओं को दी गई है। प्राथमिक विद्यालयों के 1.28 लाख 832 छात्र-छात्राओं की ड्रेस की सिलाई करेंगी। इसके लिए प्रति यूनिफार्म 200 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। इसकी कार्य योजना तैयार कर ली गई। डीडीओ हुब लाल और बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि जिले में 400 समूह संचालित हैं। एक समूह में 10 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। यानी प्रशासन की इस योजना से चार हजार महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिलेगा। प्राथमिक विद्यालयों की 1.28 लाख बच्चों को ड्रेस महिला समूहों से सिलवाई जाएगी। विद्यार्थियों को गुणवत्ता वाली ड्रेस मिलेगी।