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फसल उजाडने पर मुकदमा, प्राधिकारियों की होगी जांच

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फसल उजाड़ने पर मुकदमा, प्राधिकारियों की होगी जांच
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दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में दो सगे भाइयों की आठ बीघा फसल उजाड़ने के मामले में डीएम के आदेश पर आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं डीएम ने गांव पहुंचकर चकबंदी से पीड़ित किसानों की समस्याएं सुनी और निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इस मामले में आदेश देने वाले चकबंदी प्राधिकारियों के खिलाफ जांच बैठ गई है।
बामनौली गांव में तीन दिन पूर्व एसओसी के आदेश चकबंदी कर्मचारियों ने किसान सुकरमपाल व कृष्णपाल की आठ बीघा भूमि की पैमाइश पड़ोसी किसान जीत सिंह के खेत में कर दी और निशानदेही कर चले गए थे। उनके जाते ही जीत सिंह पक्ष ने आठ बीघा जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल को ट्रैक्टर चलाकर उजाड़ दिया था। इसके विरोध में 20 जून को दोनों भाई गांव में बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गए थे। बाद में एसडीएम बड़ौत के आश्वासन पर साढ़े नौ घंटे बाद नीचे उतरे थे। इस मामले में डीएम के आदेश पर दोघट थाने में जीत सिंह के भतीजे गुलवीर के खिलाफ फसल उजाड़ने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शुक्रवार को डीएम ऋषिरेंद्र, एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी बामनौली गांव में पहुंचे। पुलिस चौकी पर बैठकर पीड़ित किसानों की समस्याएं सुनी। टॉवर पर चढ़ने वाले किसान सुकरमपाल व कृष्णपाल तथा उनके विपक्षी जीत सिंह को भी बुलाकर समस्या सुनी। डीएम ने जीत सिंह पक्ष को सख्त हिदायत दी। चेतावनी दी कि यदि फिर से किसान के खेत में घुसे तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने यह भी बताया कि भूमि की पैमाइश करने के आदेश देने वाले चकबंदी प्राधिकारी एवं पैमाइश करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच बैठ गई है। उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अधिकारी वापस लौट गए। एसओ दोघट चितवन कुमार ने बताया कि किसानों की तहरीर पर गुलवीर के खिलाफ फसल उजाड़ने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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बामनौली में जांच करने पहुंची एलआईयू की टीम
दोघट। मेरठ से एलआईयू विभाग के डीएसपी टीम के साथ बामनौली गांव में चकबंदी की जांच करने पहुंचे। उन्होने गांव में जगह-जगह बैठकें कर किसानों से बातचीत की। किसानों ने बताया कि चकबंदी में शुरू से ही गड़बड़ी हो रही है। चकों की कीमत लगाने से लेकर चकों की पैमाइश तक का कार्य गलत तरीके से किया गया है। इसमें सभी चकबंदी प्राधिकारी दोषी है। उनके खिलाफ सख्त कार्र्रवाई की जाए। चकबंदी ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। किसानों की जमीन चली गई। अधिकारियों को रिश्वत देते-देते किसान कर्जदार हो गए। टीम ने किसानों से 12 बिंदुओं पर जानकारी ली। टीम ने बताया कि चकबंदी की गोपनीय जांच चल रही है। इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। चकबंदी में काफी खामियां है। टीम ने मास्टर महेंद्र सिंह, महीपाल प्रधान, मास्टर सतवीर सिंह, विजयपाल, राजवीर, सोनू माया, ईश्वर चौधरी, पाला उर्फ महीपाल चौधरी, देवेंद्र, जगवीर, महावीर, सतपाल, डॉ. राजपाल, ज्ञानेंद्र, अशोक, ब्रहम सिंह आदि किसानों से जानकारी जुटाई।
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