दाहा (बागपत)। क्रांतिकारी बाबा शाहमल के गांव बिजरौल की पीएचसी से लोगों को सुविधा सहीं नहीं मिल रही है। ग्रामीण ने बताया पीएचसी में डॉक्टर बहुत कम आते हैं। इस कारण एक फार्मेसिस्ट और सफाई कर्मचारी के सहारे गांव का स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। बिजली कनेक्शन नहीं होने से बिजली और पानी संकट है। इससे मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मी भी परेशान हैं।
बिजरौल गांव निवासी नरेश तोमर ने कहा कि लाखों की लागत से गांव में सरकार ने पीएचसी भवन बनाया है, लेकिन सुविधाएँ शून्य हैं। पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में दवा नहीं है। पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे मरीजों के साथ पीएचसी के कर्मचारी भी परेशान हैं। राजीव ने कहा कि सरकार हर घर में उजाला करने की बात कर रही है, लेकिन पीएचसी में आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है जो शर्म की बात है। गांव की पीएचसी में असुविधाएं हावी है। जिस डॉक्टर की तैनाती वो यहां बहुत कम समय बैठते हैं। फार्मेसिस्ट और एक स्वीपर के सहारे पीएचसी चल रही है। विपिन कुमार ने कहा कि पीएचसी में पर्याप्त स्टाफ और सुविधा दी जाए तो ग्रामीणों को पीएचसी का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। विपिन तोमर ने कहा कि मेन रास्ते पर पीएचसी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की उपेक्षा झेल रही है। कई गांव के लोग पीएचसी में दवा लेने आते हैं, यहां पर नियमित रूप से डॉक्टर नहीं मिलने के कारण लौटना पड़ा है।
दूसरी तरफ सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा कि बिजरौल पीएचसी में बिजली और पानी की समस्या उनके संज्ञान में है। बिजली का कनेक्शन जल्द लिया जाएगा। जल निगम को पीएचसी परिसर में हैंडपंप लगाने के लिए लिखा है।
पलड़ी में पेयजल संकट गहराया
दोघट (बागपत)। पलड़ी में पेयजल टंकी के ओवर हैड टैंक से पानी का रिसाव हो रहा है। पाइप लाइन भी खराब है। जिस कारण गांव के एक ही हिस्से में पानी पहुंच पाता है। तीन हिस्सों में पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीण को पेयजल नहीं मिल रहा है। प्रधान कुसुम लता ने बताया कि जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को कई बाद लिखित में शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नलकूप के ऑपरेटर को भी दो साल से ठेकेदार ने भुगतान नहीं किया। ब्यूरो