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अनुसूचित जाति के लोगों ने कहा कि न्याय नहीं तो आंदोलन

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बागपत। भड़ल गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी कर जुलूस निकाला। तत्कालीन बड़ौत एसडीएम पर आरोप लगाए। चेतावनी दी 10 दिन में न्याय नहीं दिलाया तो आंदोलन किया जाएगा और एक मार्च से चर्म शोधन का कार्य शुरू कर देंगे। जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की रहेगी।
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कलक्ट्रेट में सोमवार को भड़ल गांव के अनुसूचित जाति के लोग सामाजिक कार्यकर्ता रविकांत के नेतृत्व में जुलूस निकाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा। रविकांत ने बताया कि तत्कालीन एसडीएम आशीष कुमार को चर्म शोधन के उत्पीड़न से अवगत कराया । कोई कार्रवाई तो एसडीएम ने नहीं की, लेकिन झूठी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसमें प्रकरण का निस्तारण होना बताया। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत उल्लंघन किया जो पूर्णतया दोषपूर्ण है। वर्तमान में अनुसूचित जाति के लोग भरण पोषण और रोजगार के संसाधन पूर्णत: ठप कराए, जिस कारण चर्मशोधकों के परिवार भूखमरी के कगार पर आए हैं। कुछ लोग झूठी और तथ्यहीन और भ्रामक शिकायतों से उत्पीड़न किया। इस कार्य से कोई प्रदूषण नहीं फैलता है। मुख्यमंत्री से नियम के तहत गंभीरता पूर्वक जांच कराकर न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी 10 दिन में कार्रवाई नहीं की तो इसके विरोध में आंदोलन होगा। एक मार्च से पूर्व की भांति चर्म शोधक का कार्य शुरू कर देंगे। इसमें रामू, विजय, अजय, इंद्रपाल, राजीव, रामदास, पालीराम, राजन, जसपाल, प्रकाशा, जगपाल, आनंद, कृष्ण, चरण सिंह, रविंद्र, रमेश, नरेश, सुनील, मदन, जयप्रकाश, सुनील, श्रीनिवास, सुंदर मौजूद रहे।
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