बागपत। पैरा एथलीट अंकुर धामा इंडोनेशिया के जकार्ता में होने वाले पैरा एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह कहते हैं कि पिछले पैरा एशियाई खेलों में तीन पदक जीते थे, लेकिन इस बार गोल्ड जीतने की तैयारी में वह जी जान से जुटे हैं। अर्जुन अवार्ड के लिए नाम प्रस्तावित होने से बेहद उत्साहित हैं। उम्मीद है कि वह जकार्ता से स्वर्ण पदक लेकर लौटेंगे।
खेकड़ा के अंकुर धामा ने साल 2014 में इंचियोन के पैरा एशियाई खेलों में प्रतिभाग किया था। पांच हजार मीटर और 800 मीटर दौड़ में अंकुर ने रजत और 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। तीन पदक जीतने के बावजूद अंकुर के दिल में स्वर्ण न जीतने की कसक बाकी रही। पिछले चार साल से वह पैरा एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटे हैं। इस बीच पैरा ओलंपिक में भी उसके गाइड को धक्का देने के कारण वह फाइनल के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए थे। जकार्ता में अंकुर धामा देश के लिए 1500 मीटर और 5000 मीटर दौड़ में प्रतिभाग करने के लिए रवाना होंगे। अंकुर के भाई गौरव धामा ने बताया कि 12 और 13 अक्तूबर को उसके मुकाबले हैं। अंकुर का कहना है कि तैयारियां बेहतर की हैं और इस बार गोल्ड जीतने का भरोसा है।
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छह अक्तूबर से होने हैं पैरा एशियाई खेल
बागपत। जकार्ता में पैरा एशियाई खेलों का आयोजन छह से 18 अक्तूबर तक होगा। अंकुर धामा इन दिनों दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करने में जुटे हैं।
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कुलदीप होंगे पैरा खेलों में कोच
बागपत। पैरा एशियाई खेलों में बागपत के अंकुर धामा के अलावा धनौरा गांव निवासी कुलदीप वेदवान भी भारतीय तीरंदाजी टीम के कोच के तौर पर जकार्ता जाएंगे। इसके अलावा मुजफ्फरनगर की ज्योति भी पैरा एशियाई खेलों में शामिल होंगी।