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बड़ौत में जल्द बनेगा पासपोर्ट कार्यालय : डॉ. सत्यपाल

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बागपत। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि पोसपोर्ट हर व्यक्ति की जरूरत है। इसे बनवाने के लिए किसी उम्र की जरूरत नहीं होती। क्षेत्र की जनता के लिए बड़ौत में स्थायी रूप से पासपोर्ट कार्यालय बनाया जाएगा, जिससे यहां के लोगों को दूसरी जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को पासपोर्ट कैंप का शुभारंभ केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह और सीपीबी डिवीजन प्रवासी भारतीय मामले के सचिव डीएम मूले और पासपोर्ट अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने किया। डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि इस समय में हर व्यक्ति के पास पासपोर्ट होना जरूरी है। विदेश में आना-जाना, नौकरी सहित अन्य कार्यों में इसकी जरूरत पड़ती है। परिवार के प्रत्येक सदस्य के पास पासपोर्ट होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बड़ौत शहर में जल्द एक स्थायी पासपोर्ट कार्यालय बनवाया जाएगा। क्षेत्र की जनता को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कार्यक्रम में सीपीबी डिवीजन प्रवासी भारतीय मामले के प्रमुख सचिव डीएम मूले को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। शिविर के पहले दिन 175 आवेदकों के पासपोर्ट बनाए गए। इस दौरान काफी भीड़ जुटी रही। पासपोर्ट अधिकारी धर्मेंद्र सिंह, एसपी जयप्रकाश सिंह, एडीएम लोकपाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर, ओसी विवेक कुमार यादव, बागपत एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग, बड़ौत एसडीएम अरविंद द्विवेदी विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

एक वर्ष में बने 187 पोसपोर्ट दफ्तर : डीएम मूले
बागपत। सीपीबी डिवीजन प्रवासी भारतीय मामले के सचिव डीएम मूले ने कहा तीन-चार वर्ष से पासपोर्ट का कल्चर और संस्कृति बदल गई है। सरकार का प्लान है घर-घर लोगों के पासपोर्ट पहुंचे। इसके लिए पासपोर्ट आपके द्वार अभियान की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि देश में 70 साल में 77 पासपोर्ट कार्यालय थे, जबकि पिछले एक साल में 187 नए पासपोर्ट कार्यालय खुल गए हैं। उन्होंने कहा पासपोर्ट एकमात्र ऐसा दस्तावेज होता है, जिसमें राष्ट्रपति की अपील होती है। अन्य किसी दस्तावेज में ऐसा नहीं है। देश में सात करोड़ पासपोर्ट अब तक बन चुके हैं। पिछले एक साल में डेढ़ करोड़ पासपोर्ट बनाए गए हैं। हमारा कार्य लोगों तक सुविधा उपलब्ध कराना। 50 किमी के दायरे में पासपोर्ट ऑफिस का दफ्तर बनाने का योजना बनाई है। पहले महिला को पति और पुत्र को पिता का नाम लिखना अनिवार्य था, उसको हटवाया गया है। बार-बार जन्म प्रमाण पत्र देने की झंझट को खत्म किया गया है। अब पहले पासपोर्ट बनेगा, उसके बाद वैरीफिकेशन होगा। उन्होंने कहा कि तत्काल पासपोर्ट के लिए सरकार के खजाने में अतिरिक्त 2000 रुपये जमा करके भी पासपोर्ट बनवाया जा सकता है।
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अफसर भी बनवा ले अपने पासपोर्ट
पासपोर्ट अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पासपोर्ट बनाएं जाएंगे। लोगों को परेशानी नहीं होनी दी जाएगी। जिले के अफसर और कर्मचारियों से भी अपील की वह भी अपने पासपोर्ट बनवा लें।

बगैर आवेदन किए ही पहुंच गए पासपोर्ट बनवाने
आधी अधूरी सूचना पाकर लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए कैंप में पहुंचे। लेकिन उन्हें उस समय मायूस होकर लौटना पड़ा जब उन्हें बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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