बड़ौत (बागपत)। गर्भवती महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाली धनराशि मेें अब कोई हेराफेरी नहीं कर सकेगा, क्योंकि गर्भवती महिलाओं के खातों को सीधे तौर पर आधार कार्ड से लिंक कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीडीपीओ ने संबंधित आंगनबाड़ी को गर्भवती महिलाओं को चयनित कर उनके खातों को आधार कार्ड से लिंक कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बड़ौत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 778 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिस पर सैकड़ों गर्भवती महिलाओं को प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाता है। कई बार गर्भवती महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं में गर्भवती महिलाओं के परिजनों व अन्य द्वारा हेराफेरी करने की शिकायत मिलती रही है, इसे लेकर अब विभागीय अधिकारी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला को सीधे तौर पर योजना का लाभ देने के लिए अब आधार के हथियार का प्रयोग किया है।
इसके लिए सीडीपीओ सारधा ने संबंधित आंगनबाड़ी को अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उनके आधार कार्ड बनवाने व आधार कार्ड से बैंक खातों को लिंक कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस संबंध में सीडीपीओ सारधा ने कहा गर्भवती महिलाओं को आधार कार्ड बनवाने और आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। यह जिम्मेदारी क्षेत्र की आंगनबाड़ी और सेविका को सौंपी। यदि कोई इसमें लापरवाही करती है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।