फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसी के बैर हो दिल में अगर तो माफ कर देना....

विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)। नमोकार महा मंच प्रचार समिति और बड़ौत दिगंबर जैन समिति के तत्वावधान में लोहिया बाजार में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया, इसमें कवियों ने वर्तमान राजनीतिक परिवेश, हास्य, श्रृंगार रस की कविताएं प्रस्तुति कीं।
विज्ञापन

कवि सम्मेलन का शुभारंभ अनादलवी ने सरस्वती वंदना से किया। उद्घाटन कमल जैन, चित्र अनावरण आनंद जैन, सोनू जैन, दीप प्रज्ज्वलन, अतुल जैन एडवोकेट, स्वागतकर्ता आयुष जैन रहे। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, विशिष्ट अतिथि चेयरमैन अमित राणा, विधायक केपी मलिक, जिलाध्यक्ष संजय खोखर, पूर्व विधायक साहब सिंह रहे। कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए दिल्ली से आए हास्य कवि डॉ. प्रवीण शुक्ला ने काव्य पाठ करते हुए कहा, किसी के बैर हो दिल मेें, अगर तो माफ कर देना, सजा भी हो, गलत यदि आपने इंसाफ कर देना। डॉ. हरिओम पंवार ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि अब तो देशद्रोहियों का अभिनंदन होते देख लिया, भगत सिंह का रंग बंसती चोला रोते हुए देख लिया। डॉ. विष्णु ने कहा, प्यास बुझ जाए तो शबनम खरीद सकता हूं, जख्मी मिल जाए तो मरहम खरीद सकता हूं। सर्वेश अस्थाना ने कहा कि यह सच है, अंधेरी पनाहों मेें हूूं उजियाले की फिर भी मंजिल तू क्यों परेशान है, अरे तेरी ही राहों में हूं।
श्रृंगार रस की अनादलवी ने काव्य पाठ करते हुए मासूम महबूब का सब इतना फसाना है, कागज की हवेली है, बारिश का जमाना है। प्रताप फौजदार ने कहा कि मैंने पूछा झूम-झूम, फांसी कैसे चढ़ जाते थे, नंगे पैर दहकते अंगारों पर ही बढ़ जाते थे। पीके आजाद ने कहा कि बेटियों के होने का रोना रोने वाली कभी बेटों भी थोडे़ संस्कार दीजिए। मधु मोहनी उपाध्याय, अर्जुन सिसौदिया ने भी काव्य पाठ प्रस्तुत किया। आयोजन को सफल बनाने मेें प्रवीण जैन, अतुल सर्राफा, दिनेश जैन, पवन जैन, पंकज जैन, सतीश जैन, मनोज जैन, अतुल, आलोक जैन, अंकुर जैन, नवीन जैन, प्रदीप जैन, सुभाष जैन, अभिषेक जैन, राकेश जैन, सुनील, आनंद जैन आदि रहेा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें