बड़ौत (बागपत)। गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह ने कहा कि सभी गन्ना समितियों को सूचित किया गया है कि जिन किसानों का सामान्य प्रजाति का गन्ना नहीं लिया जा रहा है, उन्हें समानुपातिक रूप से पर्चियों का इंडेंट जारी करें।
यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरठ मंडल में 16 चीनी मिलें हैं, जिन्होंने सत्र 2016-17 का दो हजार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 16 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। डिफाल्टर चीनी मिलों की जो चीनी बन रही है, उसका 85 प्रतिशत पैसा सरकारी खजाने में जमा है। जो अगले सप्ताह तक किसानों के खाते में पहुंच जाएगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से किसान को गन्नेे का भुगतान समिति द्वारा न कराकर एक बैंक को चिह्नित कर उसे दिया जाएगा। और जिन बैंक शाखाओं में किसानों के खाते हैं, उनमें भेजा जाएगा।
मिल क्षेत्र के किसानों की समस्याओं का होगा समाधान
बागपत। गन्ना आयुक्त के आदेश पर तीनों मिल से संबंधित किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। इसके लिए डीसीओ सुशील कुमार ने कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है। उन्होंने बताया रमाला मिल क्षेत्र से संबधित किसानों की मिल समिति कार्यालय पर समस्या सुनी जाएगी। नौ को मलकपुर मिल के समिति और परिषद कार्यालय और 10 अप्रैल को बागपत मिल के समिति कार्यालय पर समस्या सुनी जाएगी। इसमें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना समितियों के सचिव, चीनी मिल के कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। गन्ना आपूर्ति और पर्ची निगमन की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।