बिनौली (बागपत)।
बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के सातवें दिन वैदिक विद्वान डॉ. भारतेंदु पांडे ने कहा कि विश्व का समस्त ज्ञान और विज्ञान वेदों में समाहित है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में संस्कृत के विभागाध्यक्ष डॉ. भारतेंदु पांडे ने कहा वेद ही हमें वैदिक संस्कृति की याद दिलाता है। वेद का ज्ञान सार्वभौम है, जो अनादि काल से चला आ रहा है। वेद मार्ग को आत्मसात करके ही मानव का कल्याण हो सकता है। महर्षि देव दयानंद ने हमें वेद मार्ग पर चलने का मार्ग प्रशस्त किया, उसका हमें अनुसरण करना चाहिए। सत्यवती कॉलेज दिल्ली की प्रवक्ता डॉ. उमा आर्य ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला और पर्यावरण व मानव जीवन को बचाने के लिए यज्ञ का आयोजन जरूरी बताया। महायज्ञ के ब्रहा आचार्य गुरुवचन धास्त्री, अरविंद शास्त्री, आचार्य विनोद व जयवीर दत्त ने भी उपदेश दिया। प्रसिद्ध भजनोपदेशक नरेश निर्मल, घनश्याम प्रेमी, वीर सिंह गावड़ी, भूपेंद्र आर्य, आचार्य अंकुर भारद्वाज ने भजन प्रस्तुत किए। यज्ञ में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी, गांधी धाम समिति के अध्यक्ष सतीश भारद्वाज, डॉ. सोमदत्त शर्मा, सुमित बेन पटेल, मनीष एडवोकेट, ब्रह्मचारी रामफल, विष्णुदत्त प्रधान, श्याम सिंह प्रमुख, यशो धर्मा सोलंकी, धनपाल बैंसला, नरेंद्र त्यागी राजू तोमर सिरसली, अजय आदि ने आहुति दी।