बागपत। बच्चों को अपने साथ होने वाले बर्ताव की जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए जागरूक बनना पड़ेगा। तभी बच्चों का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न रुक सकता है।
सीडब्ल्यूसी ने बुधवार को रावण उर्फ बड़ागांव स्थित स्यादवाद जैन एकेडमी, आदर्श गर्ल्स हाईस्कूल और जूनियर हाईस्कूल में विचार गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें सीडब्ल्यूसी के वक्ताओं ने बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया। सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी डॉ. कुलदीप त्यागी ने कहा बच्चों को अपने साथ होने वाले बरताव के बारे में जानना जरूरी है कि वह अच्छा है या बुरा। बेड टच (बुरी मंशा के साथ छूना) और गुड टच (अच्छी मंशा से छूना) की असलियत लड़के और लड़कियों को समझनी होगी। बेड टच करने पर पीड़ित बच्चा या उसके परिजन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पोर्टल या सीडब्ल्यूसी बागपत के पास शिकायत कर सकते हैं। इन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई होगी। बाल श्रम, बाल विवाह, बच्चों का यौन शोषण, शारीरिक उत्पीड़न , भीख मंगवाना, बच्चों की तस्करी पूरी तरह से गैरकानूनी है। इसके खिलाफ पीड़ित बच्चों के साथ-साथ समाज के जिम्मेदार लोगों को भी आगे आकर शिकायत करनी पड़ेगी। इसमें विद्यालयों के शिक्षकों की भी बड़ी भूमिका है। वह भी अपने स्तर पर बच्चों को उनके उत्पीड़न के प्रति जागरूक करें। सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, मालती शर्मा, संजीव मलिक, त्रिलोक चंद जैन, चुन्नी लाल त्यागी, ब्रिजेश्वर त्यागी, अमित शास्त्री, राजवीर सिंह, संजीव त्यागी, रजनीश त्यागी, प्रदीप त्यागी आदि रहे।