फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएएमएस डॉक्टरों को नोटिस, विरोध में सीएमओ का घेराव

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बीएएमएस डॉक्टरों को विभिन्न बिंदुओं पर नोटिस जारी कर दिया। इसके विरोध में डॉक्टरों ने पहले डीएम पवन कुमार से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का घेराव किया। डॉक्टरों ने कहा स्वास्थ्य विभाग एकतरफा रवैया अपनाए हुए हैं। पंजीकृत डॉक्टरों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। नोटिस के नाम पर दबाव बनाया जाता है।
विज्ञापन

जिले में करीब चार सौ आयुष डॉक्टर पंजीकृत हैं। अलग-अलग सीएचसी अधीक्षक के हस्ताक्षर से कई डॉक्टरों को नोटिस भेजा गया। इसमें अस्पताल के लाइसेंस, एलोपैथ की प्रैक्टिस समेत कई बिंदु शामिल किए हैं। इसके विरोध में बुधवार को जिला आयुष चिकित्सक संघ के पदाधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने डीएम पवन कुमार से मुलाकात की। डॉक्टरों का कहना था कि बेवजह परेशान किया जा रहा है, पंजीकृत डॉक्टरों को नोटिस जारी करने का कोई औचित्य नहीं है। डीएम ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद डॉक्टर सीएमओ कार्यालय पहुंचे और यहां पर नाराजगी जाहिर की। सीएमओ का घेराव किया।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित खोखर ने कहा स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण के समय सभी प्रमाणपत्र जमा कराए गए हैं, इसके बाद भी प्रत्येक तीन महीने बाद नोटिस जारी कर दिया जाता है। बेवजह दबाव बनाया जा रहा है। जांच का अधिकार आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों को है। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसमें डॉ. वीवी नैन, डॉ. जगपाल तेवतिया, डॉ. अनुज, डॉ. बाबूराम, डॉ. विनोद, डॉ. मनोज, डॉ. योगेश, डॉ. आबिद, डॉ. सीमंत राय, डॉ. अभिषेक, डॉ. विनोद, डॉ. गजेंद्र, डॉ. प्रशांत और डॉ. महावीर आदि रहे।
विज्ञापन


झोलाछाप डॉक्टरों पर मेहरबानी क्यों
बागपत। जिला आयुष चिकित्सक संघ के सदस्यों ने कहा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पंजीकृत चिकित्सकों को परेशान किया जा रहा है, जबकि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। गांव दर गांव लोगों को इलाज के नाम पर ठगा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें