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किसानों नने डीसीओ व गन्ना विकास सचिव को बंधक बनाया

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बड़ौत (बागपत)। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने मलकपुर चीनी मिल पर जमकर हंगामा-प्रदर्शन व नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने मिल के अधिकारियों को जमकर खारी-खोटी सुनाई और उन्हें वहां पहुंचे डीसीओ, गन्ना विकास सचिव को बंधक बनाकर बैठा लिया। किसानों का कहना था कि जब तक गन्ने का भुगतान नहीं होता धरना जारी रहेगा और अधिकारियों को नहीं छोड़ेंगे। दोपहर 12 बजे के बाद मिल भी बंद हो गई। देर शाम जिला गन्ना अधिकारी के इस लिखित आश्वासन पर कि 15 दिन मेें गन्ने का भुगतान कर दिया जाएगा धरना समाप्त कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों को भी मुक्त कर दिया गया और मिल भी चालू हो गई।
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गन्ना समिति के डायरेक्टर सुरेश पाल व मनोज के नेतृत्व में मिल से जुडे़ काफी किसान मलकपुर मिल पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। उनकी मांग थी कि वर्ष 2017-18 के गन्ना सत्र का 230 करोड़ रुपये व चालू वर्ष का 318 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान दिलाया जाए। उनका कहना था कि मिल अधिकारी उन्हें मात्र आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस दौरान मिल बंद हो गई। धरने के बीच जिला गन्ना अधिकारी विनीत शुक्ला, गन्ना विकास परिषद के सचिव सचिन, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक मुकेश मलिक, विजय जैन, पीआरओ विनय कुमार पहुंचे और आश्वासन दिया कि 10 फरवरी तक भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन किसान नहीं माने। उनका कहना था कि भुगतान न होने तक धरना जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना था कि चालू सत्र में सात फरवरी तक का भुगतान किसानों को कर दिया गया है, जबकि किसानों का कहना था कि उनके खातों में पैसे नहीं पहुंचे। इस दौरान उनकी नोकझोंक हुई। हंगामे की सूचना पर नायब तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार, कोतवाल संजीव कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। देर शाम जिला गन्ना अधिकारी के इस लिखित आश्वासन पर कि 15 दिन मेें गन्ने का भुगतान कर दिया जाएगा धरना समाप्त कर दिया गया। किसानों ने यह चेतावनी भी दी कि यदि गन्ने का भुगतान नहीं हुआ तो वे फिर से उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। देगें। मौजूद किसानों मेें गौरव, विनोद, राहुल, प्रशांत, बिल्लू, सचिन, आकाश, पप्पू, किरणपाल, सेवाराम, डायरेक्टर नरेश, विपिन पूनिया आदि शामिल रहे।

230 करोड़ रुपये की जरूरत
बड़ौत। धरना स्थल पर डीसीओ ने बताया कि 100 करोड़ रुपये का सुपर लोन मंजूर हो चुका है, लेकिन मिल को 230 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, इसके लिए बैक अधिकारियों से बातचीत चल रही है, उन्होंने 10 फरवरी तक समय दिया है।
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नुकसान होगा
बड़ौत। दोपहर बारह बजे से मिल बंद होने के कारण गन्ना किसान मिल में गन्ना लेकर खडे़ थे। वहीं समाचार लिखे जाने तक मिल बंद थी, इससे मिल को भारी नुकसान होगा, वहीं किसानों को भी गन्ना डालने मेें देरी होगी।
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