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सामान्य प्रजाति का गन्ना तौलने पर दो लिपिक निलंबित

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बागपत। सहकारी क्षेत्र की बागपत चीनी मिल क्षेत्र के तौल केंद्रों पर डीसीओ ने छापेमारी की। अगेती प्रजाति के गन्ने में सामान्य प्रजाति के गन्ने का तौल करने पर दो तौल लिपिकों को निलंबित कर दिया गया। चार लिपिकों को चेतावनी जारी की गई है। एक किसान की बुग्गी तौल केंद्र से वापस कराई । डीसीओ का कहना है कि किसानों से साफ सुथरा गन्ना सप्लाई करने का आह्वान किया।
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बृहस्पतिवार को डीसीओ सुशील कुमार गन्ना विभाग की टीम के साथ क्रय केंद्र सरूरपुर प्रथम पर पहुंचे। किसान सोहनवीर के गन्ना लदे वाहन में अगेती प्रजाति के साथ सामान्य प्रजाति का गन्ना भी तौल के लिए लाया गया । जांच टीम ने गन्ने को वापस कराया। तौल लिपिक महिपाल को निलंबित कर दिया। खेड़की में निरीक्षण के दौरान खामियां मिलीं। रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना तौला। लिपिक अनिल को निलंबित कर दिया। इसके बाद डीसीओ ने सरूरपुर द्वितीय, फैजल्लापुर, सुल्तानपुर हटाना और खेड़ा इस्लामपुर में चेकिंग की। उन्होंने बताया कि चार लिपिकों को चेतावनी दी। किसानों से साफ सुथरा गन्ना सप्लाई करने की अपील की।

गन्ने का रेट 550 रुपये किया जाए
बागपत। पश्चिमी प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि किसानों को गन्ने का 550 रुपये प्रति क्विंटल रेट दिया जा सकता है। इससे किसानों को फायदा होगा। समिति पर कहा कि वर्तमान सरकार किसान विरोधी है। 550 रेट, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, गन्ना, शीरा, चीनी घोटाले में श्वेतपत्र जारी करने और सीबीआई से जांच कराने की मांग की। वहीं उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटने, पश्चिम उत्तर प्रदेश के समग्र के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिलाने की मांग की। इसमें मोर्चा रे राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, प्रदेशाध्यक्ष डॉ. पहल सिंह सैनी, अजी सिंह, विनोद सैनी, सरदार, गुलविंदर सिंह बंटी, असगर अली, हाजी सुलेमान, मोहम्मद फुरकान, जोगेंद्र सिंह, रविंद्र गिल, आमवीर सिंह मौजूद रहे।
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गन्ना किसानों को नहीं मिल रही पर्ची
दोघट (बागपत)। दाहा गांव में किसानों की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि भैंसाना चीनी मिल चालू हो गया है, लेकिन अभी तक समिति ने चौगामा क्षेत्र के किसानों को गन्ने की पर्चियां नहीं भेजी। खेतों में गन्ना छीला पड़ा है। किसान पर्ची के लिए परेशान है, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं। किसानों ने चेतावनी दी यदि जल्दी पर्चियां नहीं भेजी तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में विनोद, उपेंद्र, बिट्टू, सुदेश, मोहित, हरबीर, धर्मवीर आदि रहे।
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