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बुखार से लड़की की मौत, कई गांवों में फैली बीमारी

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बागपत। बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाई गई 10 साल की बालिका की वार्ड में ले जाते वक्त मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर ऑक्सीजन न लगाने का आरोप लगाया।
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जिले में बुखार जानलेवा हो गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सामान्य वायरल बता रहा है। सोमवार को चोपड़ा महेशपुर की हिना पुत्री जावेद की उपचार के लिए लाया गया था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे हिना को उसके परिजन लेकर इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे। यहां पर मरीजों की भरमार थी। इमरजेंसी के डॉक्टरों के सामने परिजन बच्ची को इलाज करने की गुहार लगा रहे थे। परिजन स्टेचर पर लेकर वार्ड में पहुंचे ही थे कि हिना ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि ऑक्सीजन लगा देते तो शायद हिना बच सकती थी। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने कहा कि बच्ची के परिजन गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। पहले अन्य डॉक्टरों के यहां उपचार करा रहे थे। डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया।

बुखार हो रहा बेकाबू, स्वास्थ्य विभाग का एक ही जवाब सामान्य वायरल है
बागपत। जिले में वायरल बेकाबू होता जा रहा है। बुखार लोगों के जान पर बन आया है। कोई घर ऐसा नहीं है, जिसमें इससे पीड़ित न हो। स्वास्थ्य विभाग एक ही राग अलाप रहा है कि सामान्य बुखार है। जिला अस्पताल में करीब 800 से 900 बुखार के रोगियों का उपचार हो रहा है। 100 बेड़ों के अस्पताल में मात्र सात-आठ मरीज भर्ती किए। इनमें भी अन्य रोगों से पीड़ित है। जबकि डॉक्टरों के सामने ही बुखार से पीड़ित एक बच्ची की मौत हो गई। सीएमओ डॉक्टर सुषमा चंद्रा ने कहा कि वायरल बढ़ रहा है। वार्डों में उन्हीं मरीजों को भर्ती किया जाता है जो गंभीर है।
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ईसीजी मशीन खराब, मरीज परेशान
बागपत। जिला अस्पताल में उपकरण भी खराब पड़े हैं। इस कारण मरीजों को प्राइवेट चिकित्सक की ओर रुख करना पड़ रहा है। बागपत निवासी जावेद पुत्र शौकत ह्दय रोग से पीड़ित था। परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। ओपीडी के डॉक्टर ने ईसीजी कराने के लिए इमरजेंसी में भेजा। परिजन मरीज को लेकर वहां पहुंचे तो पता चला ईसीजी मशीन खराब है। इसको लेकर परिजनों में रोष व्याप्त हो गया। डॉक्टरों ने ऑक्सीजन देकर मरीज को थोड़ी राहत दी। उसके बाद परिजन वहां जावेद को लेकर चले गए।
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