बागपत। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण के तहत शासन से जारी एसएसजी-18 एप पर 6340 लोगों ने गांव की स्वच्छता के बारे में फीड बैक दिया। इसके लोगों ने चार सवालों के जवाब देकर जिले की स्वच्छता की स्थिति से अवगत कराया। सरकारी दफ्तरों से लेकर स्कूलों तक में पहुंचकर अफसरों ने एप से फीड बैक दिलाया।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण एक से 31 अगस्त तक चला। इसके माध्यम से गांव की स्वच्छता, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक, सार्वजनिक स्थलों की साफ सफाई की स्थिति का जायजा लिया। गांवों में कूड़े का निस्तारण, सूखे ओर गिले कूडे़ का रखने का स्थान सभी का रिकार्ड लिया। इसके अलावा शासन ने स्वच्छता के लिए एसएसजी-18 एप के माध्यम से सरकार ने सूबे की जनता से फीड बैक लिया। सरकारी अमले ने एप का खूब प्रचार प्रसार किया और लोगों को फीड बैक देने की अपील की। बागपत जिले में 6340 लोग ही एप के माध्यम से अपना फीड बैक दिया। जबकि स्कूल, कॉलेज फीड बैक देने की पुरजोर अपील की , लेकिन उसके अनुरूप जवाब नहीं दें सके। सूत्रों के अनुसार दफ्तरों में बैठकर विभागीय अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ, सगे संबंधी, सहयोगियों से फीड बैक दिलवाया। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने कहा कि 6340 लोगों ने स्वच्छता के संबंध में फीड बैक दिया है।
फीड बैक देने में मेरठ की जनता का रहा कम रुझान
बागपत। बागपत के आसपास जिले में भी फीड बैक देने के लिए लोगों में कम ही रुझान दिखाई दिया। सहारनपुर में 50372 लोगों ने सवालों के जवाब एप के माध्यम से शासन तक पहुंचाएं। वहीं गाजियाबाद से 31829 और मुजफ्फरनगर से 28950 लोगों ने अपना फीड बैक दिया। जबकि ये जिले क्षेत्रफल और जनसंख्या के हिसाब से काफी बड़े। यह ही हाल मेरठ जिले का भी रहा। यहां पर 17321 लोगों ने अपना जवाब दिया। शामली से 121361 लोगों एप से स्वच्छता का फीड बैक दिया।