बागपत। साल का पहला चंद्रग्रहण हुआ। ग्रहण का असर पांच बजकर 18 मिनट से आठ बजकर 41 मिनट तक रहा। इस कारण मंदिरों के कपाट पहले ही बंद हो गए थे। ग्रहण को देखने के लिए लोग छतों पर चढ़े रहे। घरों में खाने-पीने से परहेज किया।
बुधवार को चंद्र ग्रहण हुआ। सूतक काल को देखकर मंदिरों के कपाट बंद हो गए। पूजन कार्य बंद कर दिया । ग्रहण के नजरों को देखने के लिए लोग छतों पर नजर आए। चंद्रमा तीन रंगों में नजर आया। चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा का रंग लाल, नीला और सफेद हुआ। इसकी अवधि भी तीन घंटे 24 मिनट होगी। ज्योतिषाचार्य बताते है बुधवार होने से भी चंद्रग्रहण को सभी राशियों के लिए काफी असरदार माना जा रहा है। लोगों ने घरों में उपाय किए। खाने-पीने की वस्तुओं का परहेज किया। पूजा अर्चना नहीं की गई। ग्रहण को देखने के लिए लोग छतों पर चढ़े रहे। कुछ लोगों ने चंद्रग्रहण को दूरबीन से देखा। बुध, चंद्रमा के पुत्र हैं। पिता और पुत्र दोनों के लिए ही संकट की घड़ी है। पांच बजकर 18 मिनट से आठ बजकर 41 मिनट तक रहा। ज्योतिषाचार्य नीरज शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में है, इसलिए कर्क राशि पर इस ग्रहण का विशेष प्रभाव होगा। इसके अलावा यह चंद्र ग्रहण जल तत्व राशि में बन रहा है। जल से जुड़ी प्राकृतिक समस्याएं सामने आ सकती हैं।
चंद्रग्रहण पर ये किए गए उपाय
बागपत। लोगों ने दूध दान किया। मंत्रों का जाप किया। आटा, दाल, चावल, साबुन, घी, तेल, गुड़ का दान भी किया।