बागपत। जिला प्रशासन ने आखिर किस जल्दी में जिले को ओडीएफ घोषित किया। गांव स्तर से रिपोर्ट पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। प्रशासन की जिला स्तरीय टीम खुद इसकी जांच करेगी। यही नहीं फिर मंडल और इसके बार राज्य स्तर पर ओडीएफ की घोषणा की जाएगी।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का दावा पेश कर दिया है, लेकिन अभी फाइलें तक पूरी नहीं है। ग्राम प्रधान और गांवों के सचिवों ने जो प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, उसी के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ा दिया गया। इनकी रिपोर्ट को आधार बनाकर जिले की सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया।
सीडीओ चांदनी सिंह कहती है कि ग्राम स्तर से ओडीएफ के प्रमाणपत्र मिले हैं, लेकिन इसकी जांच के लिए अभी जिला स्तर की टीम गठित होगी। टीम के अफसर गांव-गांव में जाकर शौचालय के इस्तेमाल की जानकारी करेंगे। मानक और सभी प्रगति की जांच करेंगे। रिपोर्ट आने के बाद मंडल स्तर पर टीम जिले में आएगी। सीडीओ ने बताया कि प्रधान और सचिवों ने जांच की, इसके बाद गांवों को ओडीएफ घोषित किया है। जिला स्तर पर टीम सत्यापन करेगी, जो कमी सामने आएगी उसको पूरा कराया जाएगा।