बड़ौत (बागपत)।
आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में अजित नाथ मंदिर कमेटी के तत्वावधान में चल रहे कल्पधु्रव विधान में भक्तों ने भक्ति भाव से पूजा अर्चना की।
सोमवार को सुबह के समय इंद्रजनों ने भगवान का अभिषेक किया। शांति धारा का सौभाग्य गौरव जैन, सौ धर्म अशोक जैन, कुबेर इंद्र वीरेंद्र जैन, यज्ञ नायक देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। विधानाचार्य डॉ. रीता दीदी के निर्देशन मेें 501 इंद्र-इंद्रणी ने कलप्रधूम की पूजा की। पूजा में पंचपमेस्टी भगवान का पूजा गुण पूजना, दव्या ध्वनि पूजा तथा गणेधर पूजा किया । मांडले पर 155 अर्घ्य समर्पित किए। विधान में 24 रक्ष 24 पक्षों व 24 पक्षिणी देवी को भी अर्घ्य चढ़ाए।
इस मौके पर आचार्य ने कहा धर्म के सहायता के लिए यदि तुम दान देते हो तो वह सौगुणा होकर तुम्हारे पास पहुंचा। जिस प्रकार पानी एक जगह रुककर सड़ जाता है, उसी प्रकार तुम अपनी लक्ष्मी को अपनी तिजौरी से दान के लिए नहीं लाओगे, तो पैसा रखा रखा खर्च हो जाएगा। विधान में प्रमोद जैन, मदन लाल जैन, वरदान जैन, आदिश जैन, बालकिशन, शरद, विवेक जैन, राकेश जैन, संजय जैन, राजेश जैन, राशि जैन, संदीप, विनोद रहे। रात्रि में धर्म रक्षा युवा समिति के सौजन्य से भजन संध्या का आयोजन किया । इसका उद्घाटन डॉ. पुष्पेंद्र तोमर ने किया।