बागपत। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत आठ गांवों में बीईएमसी मॉडल बायो गैस प्लांट लगाने की योजना तैयार की गई है। प्लांट के जरिये घरों तक रोशनी और भोजन पकाने के लिए ग्रीन गैस पहुंचाने की तैयारी है। योजना के तहत प्रदेश के 16 जनपदों का चयन किया गया, इनमें बागपत भी एक है। उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड नियोजन विभाग इस पर काम कर रहा है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के लिए प्रदेश के 16 जिलों का चयन किया । इसके बाद जिले के आठ गांव का चयन कर सिलाना कलस्टर बनाया। इस योजना के तहत यहां पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। अब इन गांवों में बायो गैस इकाई स्थापित की जाएगी। ताकि गांव प्रदूषण मुक्त हो सके। प्रभारी परियोजना अधिकारी एवं डीडीओ हुब लाल ने बताया कि कलस्टर के शामिल गांवों में उत्पादित ठोस जैव अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन किया जाएगा। बीईएमसी मॉडल बायो गैस उत्पादन इकाइयों की स्थापना की जाएगी। ग्रामीण परिवार को खाना बनाने के अलावा इन इकाइयों से रोशनी के लिए ग्रीन गैस उत्पादन कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। ग्रामीण परिवार को स्वच्छ ईंधन की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि एक इकाई की स्थापना के लिए करीब 70 हजार रुपये का खर्च किया जाएगा। कंपनी की ओर से इस जल्द कार्य शुरू हो जाएगा।
ये है सिलाना कलस्टर
श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन में छपरौली ब्लॉक के सिलाना, शेरपुर, लुहारा, बासौली, मुकंदपुर, चांदनहेड़ी और हलालपुर, बड़ौत ब्लॉक का बरवाला गांव का चयन किया है।
इन जिलों में चलेगी योजना
योजना में प्रदेश के जिला चित्रकूट, गाजियाबाद, कुशीनगर, नोएडा, फिरोजाबाद, मिर्जापुर, लखनऊ, प्रयागराज, बागपत, बरेली, वाराणसी, श्रावस्ती, सोनभद्र, आगरा, महोबा, बहराइच शामिल हैं।
किसानों को यह होगा लाभ
बॉयो गैस इकाइयों से निकलने वाली बायोस्लरी (अपशिष्ट) का उपयोग आर्गेनिक खेती में किया जाएगा। इससे किसानों को फायदा होगा।
जोड़े जाएंगे आजीविका समूह
कलस्टर के आजीविका समूह को भी योजना से जोड़ा जाएगा। इससे समूह की आय में भी बढ़ोत्तरी हो सकेगी।