बुराई का रास्ता छोड़कर अच्छाई का रास्ता अपनाएं : यामीन
बागपत। देवबंद से आए मौलाना यामीन ने तकरीर में दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालिम के लिए जागरूक किया। कहा कि बुराई के रास्ते को छोड़कर अच्छाई के रास्ते को अपनाना चाहिए। इंसान को नेक नियति से चलना चाहिए। अच्छे मार्ग पर चलने से भला होता है।
सोमवार को निवाड़ा गांव में इनामुल उलूम मदरसे में दो दिवसीय जलसे का आगाज हुआ। मौलाना यामीन, खुशी मोहम्मद, खुर्शीद मोहम्मद ने तकरीर में कहा कि बुराइयों के रास्तों को छोड़कर अच्छाई के रास्ते को अपनाना चाहिए। बुराई का कोई सरपरस्त नहीं होता है और अच्छाई को चाहने वाले लाखों होते है। बच्चों को दीन की तालिम तो दें ही उसके साथ दुनियावी तालिम भी जरूर दिलवाएं। इसमें मौलाना सादिक, अकबर अली, हाजी गुल हसन, हाजी अफजाल, हाजी यामीन, आस मोहम्मद प्रधान, चौधरी तहसीम, इरशाद अली, चौधरी उस्मान, हाजी प्रधान रिफाकत, शराफत, हाजी याकूब, मोहतमिम अंजुम, लुकमान, रसीद अली, जमील, हाजी इकबाल, गुलजार, नासिर, इरशाद, वजीर, गुलजार राणा, बाबू, शौकीन अली मौजूद रहे।